बिहार में मंडराया बाढ़ का खतरा, राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सरकार ने जारी किया अलर्ट

बिहार में मंडराया बाढ़ का खतरा, राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सरकार ने जारी किया अलर्ट

PATNA : नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद बिहार के कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गंगा समेत आठ बड़ी नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं। इनका जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। गंगा के अलावा कोसी, गंडक, बागमती, घाघरा, कमला बलान, ललबकिया, परमान नदी का जलस्तर विभिन्न स्थानों पर लाल निशान से ऊपर पहुंच गया। इसके बाद बड़े इलाके में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जल संसाधन विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। 


जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंगा नदी कटिहार में खतरे के निशान को पार कर गई है। बागमती सीतामढ़ी में खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर, शिवहर में 80 सेमी और मुजफ्फरपुर में 1.52 मीटर ऊपर है। कोसी खगड़िया में लाल निशान से 46 सेमी, कमला नदी मधुबनी के झंझारपुर में 1.45 मीटर तो जयनगर में 35 सेमी ऊपर पहुंच गई है। ललबकिया पूर्वी चंपारण में 55 सेमी, परमान नदी पूर्णिया में 10 सेमी, घाघरा नदी सारण में 1.90 मीटर ऊपर बह रही है। केन्द्रीय जल आयोग ने इन नदियों के जलस्तर में अभी और बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की है।


वहीं, गंगा नदी के पटना के गांधीघाट पर गुरुवार को खतरे के निशान के पार होने की संभावना है। पटना के निकट गंगा नदी के साथ-साथ सोन और पुनपुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर पटना के दीघाघाट, गांधीघाट व हाथीदह में बढ़ रहा है। वहीं, सोन नदी का जलस्तर कोईलवर के अलावा मनेर में लगातार बढ़ रहा है। इसी तरह पुनपुन नदी पटना के श्रीपालपुर में ऊपर बढ़ रही है।


उधर, कोसी और गंडक बराज पर इस साल का रिकार्ड जलस्राव हो रहा है। कोसी के वीरपुर बराज पर बीती रात 2.11 लाख क्यूसेक पानी था। वहीं, गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज पर बुधवार को 2.93 लाख क्यूसेक पानी पहुंच गया। इन दोनों स्थानों पर बराज के फाटकों को और ऊपर तक खोल दिया गया है। यहां बराज का फाटक पिछले 15 दिन पहले से ही खुला है। पानी घटने-बढ़ने पर उसे ऊपर-नीचे किया जा रहा है