1st Bihar Published by: Updated May 07, 2022, 8:04:13 AM
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PATNA : रजिस्ट्री के लिए जरूरी ई–स्टांप को लेकर नीतीश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। जमीन समेत अन्य दस्तावेजों के निबंधन के लिए जरूरी ई स्टाम्प अब राज्य के सहकारी बैंक बेचेंगे। राज्य सरकार ने स्टॉक होल्डिंग कंपनी ऑफ इंडिया से स्टाम्प बिक्री की जिम्मेवारी लेकर सहकारी बैंकों को दे दिया है। इन बैंकों ने अब तक दो तिहाई से ज्यादा निबंधन केन्द्रों पर अपना काम शुरू कर दिया है। जल्द ही बाकी पर भी स्टाम्प की बिक्री इन बैंकों के हाथ में होगी।
बिहार में ई-स्टाम्प की बिक्री स्टॉक होल्डिंग कंपनी ऑफ इंडिया करती थी। इसके एवज में उसे एक प्रतिशत बतौर कमीशन मिलता है। लेकिन स्टाम्प बिक्री में कई तरह की अनियमितता की शिकायत के बाद निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने उनसे यह जिम्मेवारी वापस लेकर सहकारी बैंकों को दे दिया है। फिलहाल स्टाम्प की खरीद स्टॉक होल्डिंग कंपनी ही करेगी और लोगों में बेचने के लिए सहकारी बैंकों को देगी। बदले में कमीशन की राशि का बराबर बंटावारा भी दोनों संस्थाओं के बीच होगा।
सरकार के इस फैसले से सालाना तकरीबन 30 करोड़ का मुनाफा सहकारी बैंकों को होगा। आगे जब पूरी व्यवस्था सहकारी बैंकों के हाथ हो जाएगी तो कमीशन की पूरी राशि भी उन्हें ही मिलेगा। राज्य में सहकारी बैंकों का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। लिहाजा अब सभी जिलों में इनका कारोबार चलने लगा है। इसके लिए 23 जिला साहकारी बैंक और एक राज्य सहकारी बैंक अपना काम कर रहे हैं। लिहाजा अब हर जिले में स्टाम्प की बिक्री इनके लिए आसान है। सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक अखिलेश कुमार मुताबिक निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव शकेके पाठक ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद ही नया फैसला लिया है।