बिहार: लॉकडाउन में दावत उड़ाना पड़ा महंगा, पुलिस ने चखाया FIR का स्वाद

बिहार: लॉकडाउन में दावत उड़ाना पड़ा महंगा, पुलिस ने चखाया FIR का स्वाद

SUPAUL : बिहार में कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर सरकार ने 1 जून तक लॉकडाउन का एलान किया है. लेकिन इसके बावजूद भी कई ऐसे लोग हैं, जो कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. ताजा मामला बिहार के सुपौल जिले का है, जहाँ पुलिस ने लगभग सवा दो सौ लोगों पर एफआईआर  किया है.


सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने वाले लगभग सवा दो सौ लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है, जो श्राद्ध और शादी के भोज में शामिल हुए थे. त्रिवेणीगंज एसडीओ शेख़ जेड हसन ने बताया कि सूचना मिली थी कि जदिया थाना क्षेत्र के गुड़िया औऱ खंगाड़पट्टी गाँव में शादी औऱ श्राद्ध के भोज का आयोजन किया गया है, जहां कोविड 19 के गाइडलाइनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है.


एसडीओ ने आगे बताया कि इस घटना के सत्यापन में सीओ दिनेश प्रसाद द्वारा मामले की जाँच कराई गई. जाँच के दौरान पाया गया कि गुड़िया वार्ड नम्बर 11 में खट्टर यादव की पुत्री की शादी समारोह में निर्धारित 20 से ज्यादा तकरीबन 50 से 60 लोग मौजूद थे और खंगाड़पट्टी वार्ड नम्बर 13 में गंगा यादव के यहाँ श्राद्ध के भोज में निर्धारित 20 से ज्यादा 150 लोग मौजूद थे. 


सीओ दिनेश प्रसाद द्वारा इसकी सूचना तुरंत ही वरीय अधिकारियों को दी गई औऱ वरीय अधिकारियों से प्राप्त निर्देश के बाद जदिया थाना में गुड़िया वार्ड नम्बर 11 निवासी खट्टर यादव औऱ अज्ञात पचास से साठ लोगों के विरुद्ध थाना कांड संख्या 105 दर्ज कराया गया है. साथ ही थाना क्षेत्र के खंगाड़पट्टी वार्ड नम्बर 13 निवासी गंगा यादव औऱ 150 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध जदिया थाना कांड संख्या 106 दर्ज कराया गया है.


गौरतलब है कि त्रिवेणीगंज एसडीओ शेख़ जेड हसन ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि लॉकडाउन कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने में बहुत हद तक कामयाब हो रहा है. सरकार ने लॉकडाउन के दौरान कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए शादी औऱ श्राद्ध के भोज में अधिकतम 20 लोगों के शामिल होने को लेकर नियम बनाया है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे शादी औऱ श्राद्ध कार्यक्रम में इन नियमों की अनदेखी की जा रही है, जो सबके लिए घातक हो सकता है.


इस पर रोक लगाने के साथ ही कोरोना के रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जाड़ी किए गए गाइडलाइनो की सख्ती से पालन कराइ जा रही है, जो कोई भी इन नियमों की अनदेखी करेंगे उल्लंघन करेंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाई करते हुए आपदा आपदा प्रतिबंध अधिनियम 2005 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और जरूरी पड़ने पर नियमों के उल्लंघन करने वालों की गिरफ्तारी भी की जाएगी.