ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

Bihar News: बिहार पुलिस की लापरवाही से युवक की हत्या का आरोप, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला

Bihar News: मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में युवक की गुमशुदगी के बाद हत्या, पीड़िता ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। न्याय न मिलने पर राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की गई।

Bihar News
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत घोसौत गांव में एक बार फिर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। बीते 22 जून को राकेश कुमार नामक युवक के लापता होने के बाद से उसकी मां रीता देवी लगातार सिवाईपट्टी थाना पुलिस से बेटे को ढूंढने की गुहार लगाती रही, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।


रीता देवी का आरोप है कि पुलिस लगातार टाल-मटोल करती रही और इस बीच आरोपियों ने राकेश की हत्या कर शव को फेंक दिया। जब हत्या की सूचना पुलिस को मिली, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। 


उन्होंने बताया कि हत्या के आरोपी दिनदहाड़े थाने में बैठते हैं और उन्हें केस वापस लेने के लिए धमकाते रहते हैं। रीता देवी का कहना है कि वह न्याय की मांग को लेकर लगातार वरीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। 


आखिरकार थक-हारकर उन्होंने मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा के माध्यम से बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। अधिवक्ता एस.के. झा ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन का अतिगंभीर मामला बताया और कहा कि उन्होंने आयोग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

रिपोर्टिंग
M

रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें