1st Bihar Published by: Updated Apr 04, 2021, 6:31:00 PM
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PATNA : जिले के बेनिपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन हुए नरसंहार को लेकर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और बेनिपट्टी विधायक विनोद नारायण झा ने सफाई दी है. भाजपा विधायक विनोद नारायण झा ने कहा है कि वे मुश्किल घड़ी में हैं. वह अपने दामाद की बीमारी के कारण परेशान हैं. इसलिए वह नरसंहार में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने नहीं जा पाए हैं.
महमदपुर नरसंहार 6 दिन बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और बेनिपट्टी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि "यह मेरे विधानसभा का मामला नहीं है. घटना हरलाखी विधानसभा के इलाके में हुई है. लेकिन फिर भी मैं दुखी हूं. अगर मैं वहां होता तो, मैं तत्काल जाता और नरसंहार में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त करता."
भाजपा विधायक ने आगे कहा कि उनके दामाद की तबीयत ख़राब है. दिल्ली के एक निजी हॉस्पिटल में वह आईसीयू में है. वह नाती और नतिनी को संभाल रहे हैं. इस घटना को अंजाम देने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए. ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो. विनोद नारायण ने आगे कहा कि अपराधियों के साथ उनका कोई संबंध नहीं है. इस घटना का राजनीतिककरण किया जा रहा है. लेकिन वे समझें कि इंसाफ दिलाने के लिए इसमें सभी को लगने की जरूरत है.
गौरतलब हो कि मधुबनी के बेनिपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन रंगों की जगह खून से होली खेली गई. जिसमें कुल पांच लोगों की हत्या कर दी गयी थी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 30-35 की संख्या में आये अपराधियों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की गयी जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गयी जबकि घायल तीन लोगों ने अस्पताल जाने के दौरान ही दम तोड़ दिया.
तालाब में मछली मारने के विवाद को लेकर नरसंहार की इस बड़ी घटना को अंजाम दिया गया. घटना के बाद पुलिस का रवैया भी काफी लापरवाही भरा रहा. एक तो पुलिस घटना के घंटों बाद पहुंची जिससे लोगों में पुलिस के प्रति काफी आक्रोश देखा गया. दूसरी तरफ इसे जातीय हिंसा का रूप देने की भी कोशिश की गई.
घटना के बाद पुलिस ने 35 आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की. जिसमें कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया लेकिन मुख्य आरोपी प्रवीण झा अब भी फरार है. पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. घटना के बाद से राजनीतिक दलों के नेताओं का दौरा लगातार महमदपुर गांव में हो रहा है.