बिहार में स्थिति नाजुक: अस्पतालों में बढ़ाई जा रही बेड की संख्या, सरकार ने कहा- आने वाले दिनों में कितने केस बढ़ेंगे इसका अनुमान नहीं

बिहार में स्थिति नाजुक: अस्पतालों में बढ़ाई जा रही बेड की संख्या, सरकार ने कहा- आने वाले दिनों में कितने केस बढ़ेंगे इसका अनुमान नहीं

PATNA : देश भर में कोरोना महामारी का संक्रमण बड़ी तेजी से फ़ैल रहा है. बिहार में भी कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपाने से बाज नहीं आ रही है. बीते दिन बिहार में रिकार्ड तोड़ 12 हजार से ज्यादा मामले सामने आये. इसपर राज्य सरकार चिंता व्यक्त की है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और रेमिडिसिवर इंजेक्शन की उपलब्धता को लेकर जानकारी दी है.


बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. गुरूवार को बिहार के हेल्थ मिनिस्टर और भाजपा नेता मंगल पांडेय ने कहा कि "बुधवार को बिहार में 12 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आये. इतनी बड़ी चुनौती का डॉक्टर साहस के साथ सामना कर रहे हैं. आने वाले दिनों में कितने मामले बढ़ेंगे इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता. अभी की स्थिति के अनुसार हमें कितने स्टाफ की जरूरत है, उसके लिए काम किया जा रहा है."



स्वास्थ्य मंत्री ने आगे नीतीश सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि "ऑक्सीजन की उपलब्धता को बेहतर किया गया है. रेमडेसिविर के लिए भी केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों के लिए कोटा सुनिश्चित किया गया है, आने वाले समय में उपलब्धता और बेहतर हो जाएगी." उन्होंने आगे कहा कि "ऑक्सीजन  और रेमिडिसिवर  की उपलब्धता बढ़ाई गई है. हम अस्पतालों में भी बिस्तर बढ़ा रहे हैं. हम बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर अधिक परीक्षण कर रहे हैं. हमारा उद्देश्य अपने फ्रंटलाइन वर्कर्स की सुरक्षा करना है."



गुरूवार को स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि "राज्य के अस्पतालों में जहां बेडों की संख्या बढ़ायी जा रही हैं, वहीं नयी व्यवस्था भी तेजी से की जा रही है. आईजीआईएमएस में भी 100 बेड बढ़ाने का कार्य प्रगति पर है. एनएमसीएच में 300 बेड बढ़ाया गया है, अन्य अस्पतालों में भी बेड बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है."


उन्होंने आगे बताया कि "स्वास्थ्य विभाग जहां कोरोना मरीजों के उपचार के लिए बेडों की संख्या के साथ-साथ अन्य सुविधाएं बढ़ा रहा है, वहीं प्रतिदिन सूबे में एक लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो रही है, सुदूर गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों की जांच कर रही है. राज्य में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजेंद्र नगर आई हॉस्पिटल के एक भाग को कोविड अस्पताल बनाया गया है इस अस्पताल में 115 बेड होंगे, जिसमें 84 ऑक्सीजन युक्त होगा और 31 बेड सीसीसी होगा, जहां कोरोना मरीजों को सुविधाएं मिलेंगीं."


गौरतलब हो कि पिछले एक सप्ताह में बिहार में कोरोना महामारी के कारण हालात बड़ी तेजी से बदले हैं. राज्य में बड़ी संख्या में नए कोरोना मरीजों की पहचान की जा रही है. प्रतिदिन हजारों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. जबकि दर्जनों लोगों की मौत हो रही है. सूबे में स्वस्थ होने वाले मरीजों का औसत भी कम हुआ है. इस महीने ठीक होने वाले मरीजों का औसत 98% से गिरकर 81% हो गया है. 



आपको बता दें कि बिहार में विपक्ष की ओर से सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को लेकर उठाये जा रहे सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा था कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की समस्या को जल्द दूर कर ली जाएगी. उन्होंने कहा था कि पटना व अन्य दूसरे जिलों में लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है.