ब्रेकिंग
कचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजनाऑपरेशन 'नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल में बड़ी कार्रवाई, 14 लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तारशराबबंदी पर सवाल : जहानाबाद सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरलजमुई में कुख्यात बालू तस्कर मंटू यादव गिरफ्तार, हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामदबिहार के भ्रष्ट अफसरों के 102 करोड़ की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू...32 Cr की प्रॉपर्टी कर ली गई सीजकचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजनाऑपरेशन 'नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल में बड़ी कार्रवाई, 14 लड़कियों का रेस्क्यू, आर्केस्ट्रा संचालक गिरफ्तारशराबबंदी पर सवाल : जहानाबाद सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरलजमुई में कुख्यात बालू तस्कर मंटू यादव गिरफ्तार, हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामदबिहार के भ्रष्ट अफसरों के 102 करोड़ की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू...32 Cr की प्रॉपर्टी कर ली गई सीज

बिहार: इलाज के दौरान छात्रा की मौत पर भारी हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

BEGUSARAI: खबर बेगूसराय से आ रही है, जहां सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 9वीं की छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मिय

बिहार: इलाज के दौरान छात्रा की मौत पर भारी हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
Mukesh Srivastava
2 मिनट

BEGUSARAI: खबर बेगूसराय से आ रही है, जहां सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 9वीं की छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण छात्रा की मौत हुई है।


मृतक छात्रा की पहचान गढ़पुरा थाना क्षेत्र के सुजानपुर निवासी राजकुमार सहनी की बेटी साक्षी कुमारीके रूप में हुई है, जो नौवीं कक्षा की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि साक्षी के शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो गई थी। बीमार होने पर उसे सदर अस्पताल में मंगलवार को भर्ती किया गया था। मंगलवार की रात में 10 बजे तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती करने का अनुरोध किया लेकिन डॉक्टर ने इससे इनकार कर दिया।


डॉक्टर बुलाने के बाद भी काफी देर बाद आए और इमरजेंसी व्यवस्था करने के बदले भाग कर रूम बंद कर लिया, जिसके कारण साक्षी की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर सही समय पर साक्षी का इलाज हो गया होता तो शायद आज वह जिंदा होती। अस्पताल में हंगामे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया।



रिपोर्टिंग
H

रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता