वेल में जमीन पर बैठकर BJP MLC ने की नारेबाजी, हंगामे के बाद विधान परिषद कल तक के लिए स्थगित

वेल में जमीन पर बैठकर BJP MLC ने की नारेबाजी, हंगामे के बाद विधान परिषद कल तक के लिए स्थगित

PATNA: काफी हंगामे के बाद विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के एमएलसी विधान परिषद के वेल में बैठ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बीजेपी एमएलसी के हंगामे को देखते हुए विधान परिषद की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी। 


इस दौरान बीजेपी एमएलसी नवल किशोर ने कहा की शिक्षक को पूरे प्रदेश में पुलिस के द्वारा उठाया जा रहा है जो बिल्कुल गलत बात है। इसी बात को लेकर बीजेपी के एमएलसी विधान परिषद के वेल में पहुंच गये और सरकार के इस कार्रवाई पर हंगामा करने लगे। जिस वक्त बीजेपी एमएलसी हंगामा कर रहे थे उस वक्त तेजस्वी यादव सदन में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि शिक्षकों के मसले पर सरकार सदन की समाप्ति के बाद मिल बैठकर विचार करेंगी।


जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा की शिक्षकों की नियुक्ति हमने की है। नेता विरोधी दल के बयानों पर सत्ता पक्ष ने  आपत्ति जतायी है। सम्राट चौधरी के बयान पर सत्ता पक्ष की मांग है कि  नेता विरोधी दल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाए। पहली पाली में सम्राट चौधरी ने सभापति पर हिटलर शाही  जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। गुंडागर्दी जैसे शब्दों पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जतायी है।



गौरतलब है कि बिहार विधानमंडल मानसून सत्र के दौरान दोनों ही सदनों में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने जोरदार हंगामा किया। एक ओर जहां विधानसभा में नेता विपक्ष विजय कुमार सिन्हा की अगुवाई में तेजस्वी से इस्तीफे की मांग की गयी तो वहीं विधान परिषद् के अंदर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता विरोधी दल सम्राट चौधरी शिक्षकों की गिरफ्तारी और बहाली को लेकर सभापति से भीड़ गए थे।


 सम्राट चौधरी सभापति के आसन के पास आकर सभापति से सवाल करने लगे। जिसके बाद हंगामा बढ़ता देख सभापति ने सदन की कार्यवाही को भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दिया था। भोजनावकाश के बाद बीजेपी एमएलसी का हंगामा लगातार जारी रहा वे वेल में जाकर बैठ गये और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। बीजेपी एमएलसी के हंगामे को देखते हुए सभापति ने कल तक के लिए परिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी। 



दरअसल,  विधान परिषद्  के अंदर दूसरे दिन सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई वैसे भी भाजपा सदस्य शिक्षक नेताओं को नजरबंद करने के बारे में जानकारी दी। भाजपा के तरफ से सबसे पहले नवल किशोर यादव ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि- आज राज्य में इमरजेंसी से भी गंभीर हालात हो गए हैं। पुलिस शिक्षकों व उनके नेताओं को घऱ में बंद कर दी है। उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। जिसके बाद भाजपा के अन्य सदस्य भी आ गए और नारेबाजी करने लगे और वेल में जाकर बैठ गये। 


वहीं, भाजपा के तरफ से नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि -मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा है कि- शिक्षक संगठन से बात करेंगे और नियम के अनुसार काम करेंगे। मंत्री ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री की बात से इन लोगों को संतुष्टि नहीं है तो इन्हें शिक्षकों से कोई सहानुभूति नहीं है।जिसके बाद  सभापति ने कहा कि- जब मुख्यमंत्री ने आश्वासन दे दिया तो आप लोग बैठ जाइए। इस बीच सम्राट चौधऱी ने खड़े हो गए और कहा कि-  मुख्यमंत्री ने जब समीक्षा की बात कह रहे तो फिर हाऊस अरेस्ट क्यों कर रहे। आप लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं। इस पर विजय चौधरी ने जवाब दिया कि -जब मुख्यमंत्री ने कह दिया है तो फिर आंदोलन क्यों? इसलिए हाऊस अरेस्ट किया गया है। इसके बाद भो भाजपा के तरफ से हंगामा बंद नहीं हुआ तो फिर सभापति ने सदन स्थगित कर दिया।


इधर, सदन सदन स्थगित होने के बाद सभापति जबान छोड़कर जाने लगे तो सम्राट चौधरी ने उन्हें बीच में टूटते हुए कहा कि यह सही नहीं हो रहा है या गलत हो रहा है इस तरह से नहीं चलेगा। इसके बाद सभापति ने कहा नहीं यार सब नहीं होगा तो सम्राट चौधरी ने कहा कि सभापति महोदय अगर पहले ऐसा हुआ होगा तो होगा नहीं हुआ होगा तो नहीं होगा। आप रुलिन दीजिए अगर पहले नहीं चला है तो नहीं चलेगा।