1st Bihar Published by: Updated May 15, 2022, 9:56:25 AM
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MADHEPURA: इस वक़्त की बड़ी खबर मधेपुरा से आ रही है, जहां नवजात बच्चे की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। आशा कार्यकर्ता ने गांव की एक महिला को 50 हजार रुपए में नवजात बच्ची को बेचने की डील तय की। बच्ची मिलने के बाद महिला ने 30 हजार रुपए दे दिए। 20 हजार बकाया होने पर आशा महिला पर दबाव डालने लगी। जब आशा ने उसे पूरी तरह परेशान करना शुरू कर दिया तो महिला ये इस बात को पुरे गांव में बता दिया।
यह मामला बिहारीगंज थाना के कुस्थान का बताया जा रहा है। बच्ची खरीदने वाली महिला पूनम देवी ने बताया कि 'शादी के 20 साल के बाद भी उसे संतान नहीं हुई। इससे वह काफी दुखी रहती थी। जिसके बाद उसने गांव की ही आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी से मिलने गई। जबकि, गांव में पहले से इस बात की चर्चा थी कि निर्मला देवी कई लोगों को बच्चा दे चुकी है। वहीं, महिला ने बताया कि उसने निर्मला को भी एक बच्चा देने को कहा। महिला चाहती थी कि बेटी ही मिले। क्योंकि उसने सोचा कि बेटा लेने पर कई तरह का विवाद हो जाएगा।
20 हजार के लिए बना रही थी दवाब
वहीं, बीते 10 मई मंगलवार को उसे निर्मला देवी ने एक बच्ची दी। इसके बदले में पूनम और उसके पति रुपेश मंडल ने निर्मला आशा को 30 हजार रुपए दे दिए। इसमें से 10 हजार उसके पास थे और बकाया 20 हजार रुपए उसे गाय बेचकर दिए थे। निर्मला अब उससे और 20 हजार रुपए की मांग करने लगी। इसके बाद यह बात की जानकारी गांव के लोगो तक पहुंच गई। पूनम ने बताया कि वह कानूनी रूप से बच्चा कैसे गोद लेते है इसकी जानकारी उसे नहीं है। पर अब वो ये नहीं चाहती है कि उसका बच्चा उससे कोई वापस ले।
महिला को मिली धमकी
महिला ने बताया कि इस बात बाहर आ जाने के बाद आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी का बेटा उसके घर पहुंच गया और धमकी देने लगा। इतना ही नहीं उसने महिला को डॉ. विनोद के क्लिनिक पर ले गया। जहां उसने कहा कि इस मामले में उसका नाम नहीं आना चाहिए। किसी के पूछे जाने पर यह कहना होगा कि उसे कहीं और से बच्चा मिला है। पूनम ने कहा कि उन लोगों ने उसका वीडियो भी बना लिया है। पूनम देवी के पति रुपेश कुमार मंडल ने बताया कि लखन राम की पत्नी आशा कार्यकर्ता ने उसे 30 हजार में बच्ची दी है। वे लोग अब और 20 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में आरोपी आशा कार्यकर्ता का कहना है कि उसने पूनम को बच्चा नहीं बेचा है। पूनम के घर में जब बच्चा आया तो आशा कार्यकर्ता होने के कारण वे लोग उसकी एंट्री करने गए थे। वह डॉ. विनोद के क्लिनिक पर दाय का काम करती है। उस पर लगाया गया आरोप गलत है। बिहारीगंज थाना अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी।