ANM बहाली पर पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब रिटन एग्जाम के आधार पर नहीं होगी बहाली

ANM बहाली पर पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब रिटन एग्जाम के आधार पर नहीं होगी बहाली

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने एएनएम की बहाली पर फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने लिखित परीक्षा के आधार पर एएनएम की बहाली करने से इनकार कर दिया। अदालत ने अंकों के आधार पर इन पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया है।


दरअसल, जस्टिस मोहित कुमार शाह की एकलपीठ ने शुक्रवार को अपने 69 पन्ने के आदेश में बिहार तकनीकी सेवा आयोग के 19 सितंबर, 2023 के नोटिस को निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि एएनएम की बहाली बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) कैडर नियमावली 2018 के नियम 7 के तहत ही होगी।पूर्व में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएनएम के 10709 पदों पर बहाली के लिए सरकार ने विज्ञापन संख्या 07/2022 प्रकाशित किया था।


इतना ही नहीं एएनएम नियमावली 2018 के आधार पर चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी बीच राज्य सरकार ने नियमावली में संशोधन कर लिखित परीक्षा के आधार पर बहाली करने का नोटिस जारी किया। इस नोटिस की वैधता को हाईकोर्ट में अर्चना कुमारी एवं अन्य की ओर से रिट याचिका दायर कर चुनौती दी गई। कोर्ट ने सभी रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। 


वहीं, आवेदिकाओं की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार ने कोर्ट को बताया कि बिहार में 10,709 एएनएम की बहाली के लिए साल 2022 में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इसके अनुसार एएनएम कोर्स परीक्षा के लिए 60 अंक, हायर कोर्स के लिए 15 अंक और राज्य के सरकारी अस्पताल में कार्य करने के एवज में प्रत्येक वर्ष के लिए 5 अंक (अधिकतम 25 अंक) निर्धारित किया गया था। 


मगर, राज्य सरकार ने बहाली नियम को समाप्त कर नया नियम जोड़ दिया। इसके अनुसार प्रतियोगिता परीक्षा के लिए 60 अंक, हायर कोर्स के लिए 15 अंक और राज्य के सरकारी अस्पताल में कार्य करने के अनुभव के लिए प्रत्येक वर्ष के लिए 5 अंक (अधिकतम 25 अंक) निर्धारित कर दिया गया। लिखित परीक्षा कराने की जिम्मेवारी बिहार तकनीकी सेवा आयोग को दी गई। नए नियम को 1 जून, 2023 से लागू किया गया। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद एएनएम की बहाली पुरानी नियमावली 2018 के नियम 7 के तहत पूर्ण करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब अंकों के आधार पर अंतिम मेधा सूची तैयार की जाएगी।