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अहंकारी हैं नीतीश-तेजस्वी, विजय सिन्हा बोले- छपरा जाकर भी नहीं सुन पाए शराबकांड के पीड़ितों की आवाज

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा हो, जातिगत जनगणना हो या फिर छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला बीजेपी हर मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में लगी है। नेता प्रतिपक्ष विज

अहंकारी हैं नीतीश-तेजस्वी, विजय सिन्हा बोले- छपरा जाकर भी नहीं सुन पाए शराबकांड के पीड़ितों की आवाज
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा हो, जातिगत जनगणना हो या फिर छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला बीजेपी हर मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में लगी है। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने एक बार फिर नीतीश और तेजस्वी पर एक साथ हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जिस छपरा में जहरीली शराब पीने से सैकड़ों लोगों की जान चली गई, वहां जाकर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवारों से मिलना तक मुनासिब नहीं समझा। यात्रा चमकाकर दोनों वापस चले आए लेकिन उन्हें पीड़ितों की चित्कार नहीं सुनाई दी।


विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संवेदना बिल्कुल मर चुकी है। सारण जाने के बावजूद सीएम और डिप्टी सीएम ने छपरा शराबकांड के पीड़ितों से मुलाकात करना मुनासिब नहीं समझा और दोनों अपना चेहरा चमकाकर वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि छपरा में सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का अहंकारी चेहरा एक बार फिर से सामने आ गया है। जहरीली शराब के शिकार हुए सारण के लोगों के परिजनों की चित्कार सीएम नीतीश को सुनाई नहीं देती है। इनको सिर्फ यही दिखता है जो अधिकारियों द्वारा उन्हे दिखाया जाता है।


नीतीश कुमार की सरकार नौजवानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारों की बात सुनने के बजाए जिस तरह से उनपर लाठिया चलवाई यह शर्मनाक है। नीतीश कुमार विधायिका की आवाज दबाने और जनप्रतिनिधियों से दूरी बनाने का खेल खेल रहे हैं, जो कहीं न कहीं लोकतंत्र के लिए घातक है। बिहार में राजतंत्र नहीं बल्कि लोकतंत्र है, विधायक अगर प्रशासनिक अराजकता के बारे में सरकार को अवगत नहीं कराएंगे तो आखिर जनता की आवाज को कौन सरकार तक पहुंचाएगा। तेजस्वी यादव जिस तरह से विधायकों को डरा धमका रहे हैं और सीएम बनने की बात पर मुस्कुरा रहे हैं,यह कही न कही उनकी मंशा को उजागर करता है।


उन्होंने कहा कि नीतीश और तेजस्वी के सपनों के खेल में बिहार अराजकता के दौर से गुज रहा है। नीतीश कुमार की समाधान यात्रा आने वाले समय में विदाई यात्रा बनकर रह जाएगी। बिहार की जनता और बेरोजगार युवा सबकुछ देख और समझ रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को आप भाजपा का एजेंट बताते हैं। नीतीश और तेजस्वी कुछ भी कर लें, भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ बीजेपी का अभियान लगातार जारी रहेगा। बिहार से जबतक अहंकारी सरकार की विदाई नहीं हो जाती बीजेपी की लड़ाई जारी रहेगी।