1st Bihar Published by: Updated Tue, 03 Mar 2020 03:20:08 PM IST
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DESK: चीन में कोराना वायरस का कहर जारी है. इसका असर भारत के मेडिकल इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है. केंद्र सरकार ने पैरासिटामोल समेत दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले 26 फॉर्मूलेशन और एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर रोक लगा दी है. यह फैसला चीन समेत अन्य देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के कारण से लिया गया है. इसको लेकर डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) नोटिस जारी करते हुए इस प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है. बताया जो यह भी जा रहा है कि भारत में कोरोना के दो केस मिलने के बाद सरकार अलर्ट पर है और नहीं चाहती है कि देश में दवाओं की किसी भी स्थिति में कमी हो.

देश में 40 प्रतिशत तक रेट बढ़ा
बताया जा रहा है कि चीन से सप्लाई रुकने की वजह से भारत में पैरासिटामोल दवाओं की कीमत 40% बढ़ गई है. एपीआई के आयात के लिए भारत की चीन पर निर्भरता बहुत ज्यादा है. चीन से 80 प्रतिशत तक दवा बनाने का समान भारत आता है और किसी भी दवा को बनाने के लिए एपीआई सबसे अहम कंपोनेंट होता है.
बताया जा रहा है कि पैरासिटामोल, टिनिडाजोल, निओमाइसिन समेत 26 दवाओं और फॉर्मुलेशन पर रोक लगाने का फैसला किया गया है. आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है. दवाओं की कमी न हो, इसलिए आवश्यक दवाओं के निर्यात पर रोक लगा दी गई है.