1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 11, 2025, 7:50:11 AM
बिहार की महिलाएं हंसी से करती हैं तनाव पर जीत - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार की महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक हंसमुख पाई गई हैं। हाल ही में राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मार्च 2025 में जारी एक अध्ययन में यह चौंकाने वाला लेकिन सकारात्मक ट्रेंड सामने आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य की 65% महिलाएं रोजाना 2-3 घंटे हंसी-मजाक में बिताती हैं, जिससे उनका मानसिक तनाव काफी हद तक कम हो जाता है।
अध्ययन में शामिल हुए 5 लाख से अधिक लोग
इस सर्वे में 507666 लोग शामिल थे, जिनमें से 30 लाख 50 हजार महिलाएं थीं। अध्ययन में 15 साल से लेकर 50 साल तक के उम्र वर्ग को शामिल किया गया। सबसे ज्यादा 30 से 45 वर्ष की महिलाएं हंसमुख श्रेणी में आईं, जो या तो नौकरीपेशा हैं या गृहिणी।
बच्चों के साथ संवाद बनाता है खुशहाल माहौल
अध्ययन में यह भी पाया गया कि करीब 20 लाख महिलाओं ने अपने हंसमुख रहने का कारण बच्चों को बताया। महिलाएं ऑफिस में भी काम के बीच बच्चों से बात कर हंसती हैं, जिससे उनका तनाव दूर होता है। वहीं 10 लाख महिलाओं ने बताया कि वे अपने सहकर्मियों के साथ हंसी-मजाक करती हैं, जिससे ऑफिस का माहौल सकारात्मक बना रहता है।
पुरुषों में हंसमुख होने का प्रतिशत 35%
इसके मुकाबले पुरुषों में हंसमुख रहने की प्रवृत्ति काफी कम देखी गई। केवल 35% पुरुष ही ऐसे पाए गए जो रोजाना हंसी-मजाक के मूड में रहते हैं, वो भी सिर्फ आधे घंटे के लिए। इसका मतलब यह है कि महिलाएं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कहीं ज्यादा जागरूक और सक्रिय हैं।
हंसी से घटती हैं बीमारियां भी
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि हंसमुख रहने वाली महिलाओं में बीमारियां भी कम होती हैं। 3 लाख महिलाओं ने बताया कि उन्हें माइग्रेन, बीपी और शुगर जैसी समस्याएं थीं, लेकिन हंसी-योग और हंसते रहने की आदत से उन्हें राहत मिली है। ऐसे लोग हंसमुख व्यक्तियों से मिलने लगे, जिससे उनका जीवन बेहतर हुआ।