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BCD में कितने धनकुबेर अधीक्षण अभियंता ? एक पर छापा तो दूसरे S.E. की भी खुली कुंडली, पत्नी के नाम पर एक ही दिन करोड़ों की जमीन खरीदी, और सरकार से छुपाकर कर बैठे हैं...

भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के ठिकानों पर विजिलेंस रेड में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। वहीं BCD के एक अन्य अधीक्षण अभियंता की पत्नी के नाम नौबतपुर में करोड़ों की जमीन खरीदने और संपत्ति के ब्योरे पर सवाल...

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S.E. सत्येन्द्र चौधरी के ठिकानों पर निगरानी रेड की तस्वीर
© self
Viveka Nand
7 मिनट

Bihar News: भवन निर्माण विभाग के पूर्णिया अंचल में तैनात अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के पास चार करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां मिली हैं। फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला भव्य मकान, दानापुर और नौबतपुर में करीब 26 कट्ठा जमीन के सबूत मिले। विजिलेंस की जांच में ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट और पटना के शास्त्रीनगर स्थित एजी कॉलोनी में तीन मंजिला मकान के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। वैसे भवन निर्माण विभाग में एक से बढ़कर एक धनकुबेर हैं जो मोटी कमाई कर मलाईदार पोस्टिंग लेकर बैठे हैं. एक-एक अभियंता एक दिन में पत्नी के नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी खऱीद रहे. सबसे खास बात यह की पत्नी का अलग रिटर्न दाखिल करने का हवाला देकर संपत्ति की जानकारी साझा नहीं कर रहे. जबकि पत्नी पूरी तरह से पति पर निर्भर हैं. धनकुबेर इंजीनियरों का यह एक अलग खेल चल रहा. 


सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही नहीं, BCD के एक और S.E. ने अकूत संपत्ति बनाई 

भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र कुमार चौधरी के ठिकानों पर निगरानी ने छापेमारी की,जिसमें अकूत संपर्ति अर्जित करने का पता चला है. सत्येन्द्र चौधरी पूर्णिया अंचल में बतौर अधीक्षण अभियंता के पद पर पदस्थापित हैं. वैसे सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही क्यों, कई ऐसे अधीक्षण अभियंता हैं, जिन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित की है. पटना से लेकर झारखंड और दिल्ली तक में छुपाकर संपत्ति बनाई है. आज, भवन निर्माण विभाग के एक ऐसे ही धनकुबेर अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) की चर्चा करेंगे. ये महोदय कुछ समय तक सीमांचल के इलाके में ही पदस्थापित थे. एक प्रमंडल की बात कौन करे, सेटिंग ऐसी तगड़ी थी कि दो-दो डिवीजन का जिम्मा संभाल रहे थे. इसके पहले राजधानी में पदस्थापित थे. अब ये गांधी की ऐतिहासिक धऱती से जुड़े जिले में पदस्थापित बताये जाते हैं. 

इस S.E. की हर जगह एक ही चर्चा...बिना चढावा कलम उठाते

राजधानी से लेकर सीमांचल तक और अब जहां पदस्थापित हैं, वहां पर भी एक ही चर्चा है, ‘’साहब दोनों हाथ से माल बना रहे….बिना चढावा लिए कलम उठाते ही नहीं.’’ दरअसल, भवन निर्माण विभाग के के दूसरे वाले ये अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) जहां भी रहे, विवादों में रहे. पैसे को लेकर ठेकेदारों से विवाद होते रहा. सीमांचल में भी इनकी कमाई की खूब चर्चा होती है. इसके पहले राजधानी में पदस्थापन के दौरान विवादों से गहरा नाता रहा. बताया जाता है कि इस दौरान अकूत संपत्ति बनाई. 

इस अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) ने भी नौबतपुर में करोड़ों की संपत्ति बनाई 

निगरानी ब्यूरो ने बुधवार को आरसीडी के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की तो, नौबतपुर इलाके में बड़ी प्रॉपर्टी का पता चला. सिर्फ सत्येन्द्र चौधरी ही नहीं बल्कि ये साहब (अधीक्षण अभियंता) ने भी नौबतपुर इलाके में मेन रोड़ के किनारे करोड़ों की जमीन पत्नी (#### कुमारी) के नाम पर खरीद की है. इस अधीक्षण अभियंता की पूरी कुंडली भी बाहर आ गई है. बताया जाता है कि अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) के अपने लोगों ने ही पटना से लेकर दिल्ली और झारखंड में अर्जित की गई पूरी संपत्ति की जानकारी उचित फोरम पर पहुंचा दिया है.  


नए वाले S.E. ने पत्नी के नाम पर बिहटा-सरमेरा रोड पर बेशकीमती जमीन खरीदी

आपको बताते हैं कि, इस अधीक्षण अभियंता (नाम गोपनीय) ने जून 2023 में पत्नी #### कुमारी के नाम पर नौबतपुर अंचल में बिहटा-सरमेरा मेन रोड़ पर व्य़वसायिक जमीन की खरीद की है. यह जमीन चार विभिन्न प्लॉट में खरीद की गई है. कुल रकबा लगभग 25 डिसमिल, यानि आठ कट्ठा भूमि खरीद की गई. सरकार के यहां इस कॉमर्शियल जमीन का वैल्यू लगभग 1 करोड़ 10 लाख बताया गया है. वैसे खरीद के समय भी वास्तविक बाजार मूल्य 2 करोड़ से अधिक बताई गई है. इनकी पत्नी हाउस वाइफ बताई जाती हैं. 


पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्ति की जानकारी नहीं दे रहे अधीक्षण अभियंता 

वर्ष 2022-23 में भवन प्रमंडल के इस अभियंता ने पत्नी #### कुमारी के नाम पर हटिया से लेकर हदसपुरा,दानापुर वाली संपत्ति का उल्लेख किया था. पत्नी के नाम का पैन नंबर भी सार्वजनिक किया था. 2023-24 के बाद इन्होंने अपनी पत्नी के बारे में संपत्ति का ब्योरा बताना बंद कर दिया. सरकार को बताया है कि पत्नी #### कुमारी स्वयं आईटी रिटर्न फाईल करती है.इसी आधार पर पत्नी के नाम पर अर्जित किसी संपत्ति का उल्लेख नहीं कर रहे. सिर्फ लोन जो पति-पत्नी के नाम पर है, उसी का उल्लेख संपत्ति के ब्योरा में किया है. खबर की अगली कड़ी में इनके एक और खेल के बारे में जानकारी साझा करेंगे.   


निगरानी रेड में अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के पास क्या मिला....

पटना और पूर्णिया में इनके ठिकानों पर बुधवार को निगरानी ब्यूरो की छापेमारी हुई। पटना के फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला भव्य मकान, दानापुर और नौबतपुर में करीब 26 कट्ठा जमीन के सबूत मिले। ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट और पटना के शास्त्रीनगर स्थित एजी कॉलोनी में तीन मंजिला मकान के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। निगरानी ब्यूरो ने अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए उनके पटना और पूर्णिया स्थित तीन ठिकानों पर छापेमारी की थी.

इस दौरान उनके स्वयं, पत्नी उषा देवी एवं सास के नाम से सात अचल संपत्तियां मिली हैं, जिनका कुल मूल्य करीब 3.60 करोड़ रुपये आंका गया है। निगरानी के मुताबिक, अधीक्षण अभियंता के ठिकानों से एक लाख रुपये नकद सहित 26 लाख रुपये की चल संपत्तियां भी मिली हैं। जांच एजेंसी बैंक व एलआईसी में निवेश से संबंधित बड़े पैमाने पर मिले कागजात और सोने, चांदी व हीरे के आभूषणों का अलग से मूल्यांकन करा रही है। इनके विरुद्ध कुल ज्ञात आय से लगभग 68 फीसदी अधिक 1.97 करोड़ की संपत्ति का आकलन कर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता