1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 15 Jan 2026 12:59:30 PM IST
ईडी कार्यालय में रेड - फ़ोटो Google
ED Office Raid: झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में पुलिस ने छापा मारा है। यह कार्रवाई रांची के एयरपोर्ट थाना की पुलिस टीम द्वारा की गई। बताया जा रहा है कि ईडी के दो अधिकारियों प्रतीक और शुभम पर एक पेयजल कर्मी से मारपीट का आरोप लगाया गया है। इसी मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ईडी कार्यालय पहुंची थी।
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले ईडी अधिकारियों ने पेयजल विभाग से जुड़े एक मामले में संतोष कुमार नामक कर्मी से पूछताछ की थी। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की गई। इस संबंध में पीड़ित की ओर से एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
इधर, इस पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। पार्टी ने आशंका जताई है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।
झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय को पुलिस द्वारा घेरने की सूचना मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस-प्रशासन से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार मामलों के अहम साक्ष्य मौजूद हैं और इनके साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि झारखंड में पहले भी ईडी के खिलाफ कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी पर हमले की कोशिशें हो चुकी हैं। उन्होंने इसे जांच एजेंसियों के स्वतंत्र और निष्पक्ष काम में बाधा डालने का प्रयास बताया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखे आरोप लगाए।
वहीं, झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार ने बदले की भावना से प्रेरित होकर ईडी कार्यालय में पुलिस रेड करवाई है। उन्होंने कहा कि ईडी के मामलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले जेल जा चुके हैं और उनके कई मंत्री व विधायक मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ईडी के रडार पर हैं।
प्रतुल शाहदेव ने चेतावनी दी कि एक संवैधानिक संस्था पर इस तरह की कार्रवाई के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि कार्रवाई दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है।