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झारखंड: सरना धर्म कोड नहीं तो वोट नहीं, मोरहाबादी में हुआ आदिवासी संगठनों का महाजुटान

RANCHI: झारखंड की राजधानी में आज मोरहाबादी मैदान में सरना धर्म को लेकर आदिवासियों का महा जुटान हुआ. सरना धर्म रक्षा को लेकर आदिवासी समाज आज रांची में एकत्र हुए थे. और साथ ही कई विभ

 झारखंड: सरना धर्म कोड नहीं तो वोट नहीं, मोरहाबादी में हुआ आदिवासी संगठनों का महाजुटान
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
2 मिनट

RANCHI: झारखंड की राजधानी में आज मोरहाबादी मैदान में सरना धर्म को लेकर आदिवासियों का महा जुटान हुआ. सरना धर्म रक्षा को लेकर आदिवासी समाज आज रांची में एकत्र हुए थे. और साथ ही कई विभिन्न आदिवासी संगठनों की सरना धर्म कोड महारैली का आयोजन किया गया.


बता दें इस महा रैली में झारखंड के साथ साथ नेपाल, भूटान, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार के आदिवासी भी शामिल हुए हैं. जहां महारैली के जरिए आदिवासी संगठन केंद्र सरकार और भाजपा से सरना धर्म कोड की मांग कर रहे हैं. वहीं इस महारैली को डॉक्टर करमा उरांव के साथ कई लोगों ने संबोधित किया. जहां सभी ने एक साथ आह्वान किया और कहा कोड नहीं तो वोट नहीं. 


मालूम हो कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा हावी रहेगा. सरना धर्म गुरु बंधन तिग्गा ने कहा कि आदिवासी ना तो हिंदू है और ना ही सनातन. इसलिए आदिवासियों को समाप्त करने की जो साजिश हो रही है वो बंद हो. उन्होंने कहा कि देशभर में 12 करोड़ से अधिक आदिवासियों का अपना धर्म, अपनी संस्कृति, अपने संस्कार अपनी पूजा पद्ध्ती अपना पूजा स्थल और अपने रीति रिवाज हैं, जो हिंदू सिस्टम के मुताबिक नहीं से नहीं चलते हैं. इसलिए आदिवासियों के लिए सरना धर्म कोड लागू किया जाना चाहिए ये आवश्यक है.

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