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झारखंड के शिक्षा मंत्री ने फिर से शुरू की पढ़ाई,ग्यारहवीं क्लास में लिया एडमिशन

DESK : कहते हैं पढ़ाई लिखाई की कोई उम्र नहीं होती, शायद यही सोच कर झारखंड के शिक्षा मंत्री, जगरनाथ महतो ने 53 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई को दोबारा शुरू करने की सोची है. इसके

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DESK :  कहते हैं पढ़ाई लिखाई की कोई उम्र नहीं होती, शायद यही सोच कर झारखंड के शिक्षा मंत्री, जगरनाथ महतो ने 53 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई को दोबारा शुरू करने की सोची है. इसके लिए उन्होंने बोकारो के नावाडीह के देवी महतो इंटर कॉलेज में दाखिला भी ले लिए है. 

इंटर कॉलेज के प्राचार्य दिनेश प्रसाद वर्णवाल ने खुद शिक्षा मंत्री का आर्ट्स संकाय में रजिस्ट्रेशन किया. नामांकन दर्ज कराने के लिए शिक्षा मंत्री सोमवार को कॉलेज के कार्यालय कक्ष में पहुंचे. अपना नामांकन फॉर्म खुद भरकर 1100 रुपये शुल्क के साथ जमा करवाया.

अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू करने के लिए उत्साहित शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह सारा काम देखते हुए सब कुछ करेंगे. क्लास भी करेंगे और मंत्रालय भी संभालेंगे घर में किसानी का काम भी करेंगे, ताकि मेरे काम को देखकर अन्य लोग भी प्रेरित हों.  

आपको बता दें कि, इसी साल जनवरी में उन्होंने शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण किया है. जब उन्हें ये ज़िम्मेदारी मिली तो विरोधी दल ये सवाल उठाने लगे थे कि दसवीं पास को शिक्षा विभाग दे दिया गया है. तभी उन्होंने तय कर लिया था कि वो आगे की पढ़ाई पूरी करेंगे, जिसे उन्होंने 1995 में मैट्रिक परीक्षा देने के बाद छोड़ दी थी.    

देखा जाये तो शिक्षा मंत्री का ये कदम झारखंड में कई मंत्रियो के लिए प्रेरणादायक हो सकता है. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव में दाखिल शपथ पत्र के अनुसार झारखंड में कई और मंत्री है जो दसवीं पास है. इन में बन्ना गुप्ता ( स्वास्थ्य मंत्री), चंपई सोरेन (परिवहन मंत्री), जोबा मांझी (समाज कल्याण मंत्री) और सत्यानंद भोक्ता ( श्रम मंत्री) का नाम शामिल है.