ब्रेकिंग
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनेंगे एक्टर विजय, 10 मई को चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोहलापरवाही से पुल टूटा तो इंजीनियर-अफसरों पर होगी कार्रवाई, विक्रमशिला हादसे के बाद सम्राट सरकार सख्तकुमार प्रबोध का ब्लॉग: सम्राट चौधरी ने अपने विजन को पूरा करने के लिए किन मंत्रियों को चुना है? क्या नीतीश, श्रेयसी औऱ शैलेंद्र भरोसे पर खरा उतरेंगे?सम्राट कैबिनेट में करोड़पति मंत्रियों की भरमार, सिर्फ तीन की संपत्ति एक करोड़ से कम, पुरूषों से ज्यादा अमीर हैं महिलायेंNCRB की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: भारत में अचानक जान गवां रहे युवा, हर घंटे 120 मौत; आंकड़ों ने बढ़ाई चिंतातमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनेंगे एक्टर विजय, 10 मई को चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोहलापरवाही से पुल टूटा तो इंजीनियर-अफसरों पर होगी कार्रवाई, विक्रमशिला हादसे के बाद सम्राट सरकार सख्तकुमार प्रबोध का ब्लॉग: सम्राट चौधरी ने अपने विजन को पूरा करने के लिए किन मंत्रियों को चुना है? क्या नीतीश, श्रेयसी औऱ शैलेंद्र भरोसे पर खरा उतरेंगे?सम्राट कैबिनेट में करोड़पति मंत्रियों की भरमार, सिर्फ तीन की संपत्ति एक करोड़ से कम, पुरूषों से ज्यादा अमीर हैं महिलायेंNCRB की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: भारत में अचानक जान गवां रहे युवा, हर घंटे 120 मौत; आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

Jharkhand News: पूर्व विधायक पर आम रास्तों को बंद करने का आरोप, जनहित में खुलवाने की मांग

Jharkhand News: पदमा प्रखंड में पूर्व विधायक सौरभ नारायण सिंह पर आम रास्तों को बंद करने का आरोप सामने आया है। इसको लेकर मुखिया अनिल मेहता ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए रास्ते को जनहित में खुलवाने की अपील की है।

पूर्व विधायक, आम रास्ता विवाद, पदमा मुखिया, हजारीबाग समाचार, रास्ता बंद, जनता की समस्या, प्रशासनिक कार्रवाई, झारखंड खबर, सीओ पदमा, सौरभ नारायण सिंह  Keywords (English): former MLA, public road dispute
प्रतीकात्मक तस्वीर
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Jharkhand News: हजारीबाग जिले के पदमा प्रखंड के मुखिया अनिल मेहता ने पूर्व विधायक और राजपरिवार के सदस्य सौरभ नारायण सिंह पर कई सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने हजारीबाग के अपर समाहर्ता और पदमा के अंचल अधिकारी को पत्र सौंपकर जनहित में इन रास्तों को दोबारा खोलने की अपील की है।


मुखिया ने बताया कि शुरुआत में उन्हें केवल एक रास्ता बंद किए जाने की जानकारी मिली थी, जिस पर उन्होंने सीओ को पत्र भेजकर जांच कराने और रास्ता पुनः चालू करने की मांग की थी। प्रशासनिक कार्रवाई में देरी के कारण स्थानीय नागरिकों ने खुद ही रास्ता खोल दिया। इसके बाद प्रशासन ने बिना किसी जांच के लोगों पर झूठा आरोप लगाकर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।


इस घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो कोई जांच हुई और न ही सार्वजनिक रास्ते को लेकर कोई ठोस कदम उठाया गया है। मुखिया का कहना है कि उन्होंने अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है, जिस पर अपर समाहर्ता और सीओ ने शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


टैग्स

संबंधित खबरें