ब्रेकिंग
बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट ✦बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट

झारखंड : बिजली के करंट से मां -बेटी की मौत, कपड़े सुखाने के दौरान हुआ हादसा

JAMSHEDPUR : झारखंड के जमशेदपुर से एक सनसनीखेज मामला निकल कर सामने आ रहा है। यहां बिजली के करंट की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। ये दोनों रिश्ते में मां - बेटी बता

झारखंड : बिजली के करंट से मां -बेटी की मौत, कपड़े सुखाने के दौरान हुआ हादसा
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

JAMSHEDPUR : झारखंड के जमशेदपुर से एक सनसनीखेज मामला निकल कर सामने आ रहा है। यहां बिजली के करंट की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। ये दोनों रिश्ते में मां - बेटी बताए जा रहे हैं। ये लोग लोहे के तार पर कपड़ा सुखाने जा रह थे, तभी इस तार के करंट आने से इनकी मौत हो गई। 


दरअसल, पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल स्थित मुसाबनी प्रखंड के सिपाही लाइन में मां बेटी की मौत हो गयी। यहां शनिवार सुबह लगभग 6 बजे लोहे के तार पर कपड़ा सुखाने के क्रम में उसमें करंट आने से बासो सोरेन (60 वर्ष) और उनकी बेटी मालती सोरेन इसकी चपेट में आ गये। इस घटना को लेकर परिजन सुमन और शबनम ने बताया कि - सुबह उनकी नानी लोहे के तार पर जब कपड़ा सुखा रही थी, उसी वक्त वह अचानक तार पर कपड़े डालते ही बेहोश होकर गिर गईं। इसी दौरान उनकी मौसी मालती उन्हें बचाने गई तो वो भी करंट की चपेट में आ गईं। इस घटना की जानकारी पाकर आसपास के लोग लकड़ी का डंडा लेकर पहुंचे ताकि बिजली के तार से उनको अलग किया जा सके। 


बताया जा रहा है कि, मां और बेटी मूल रूप से गुड़ाबांधा प्रखंड के रहने वाले हैं वो वो अपनी तीन बेटी और दो नतिनी के साथ मुसाबनी एक नंबर में रहते थे। उनकी बड़ी बेटी की दो बेटी और एक बेटा है। पुत्री जमशेदपुर में रहकर काम करती है और बेटा हैदराबाद में काम करने गया हुआ है। फिलहाल स्थानीय लोगों की ओर से कोई मुआवजे की पहल नहीं की गई है। 


मालूम हो कि, मुसाबनी में एक साल पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी। जिसमें एक अंचल कर्मचारी अपने घर में बिजली के करंट की चपेट में आ गये थे। एक सप्ताह पूर्व उपायुक्त ने भी एक विभागीय जिला स्तरीय बैठक में बरसात को देखते हुए घरों में कपड़ा सुखाने के लिए उपयोग किये जाने वाले लोहे की तार को घातक बताया था। डीसी ने इसे जानलेवा करार देते हुए बिजली विभाग को इसका प्रचार प्रसार करने के लिए कहा था। साथ ही सभी प्रखंड को भी लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाने की बात कही है. लेकिन बिजली विभाग और प्रखंड पदाधिकारी ने इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की है।