ब्रेकिंग
बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबबिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाब

जांच के लिए गाड़ी रोके जाने पर भड़के विधायक,धमकाते हुए अधिकारी से बोले- औकात में रहो

CHATRA : लॉकडाउन के दौरान जांच के लिए गाड़ी रोके जाने पर विधायक जी भड़क उठे और अधिकारी को धमकी देते हुए औकात में रहने की बात कह डाली. मामला हजारीबाग जिला के परसौनी

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

CHATRA : लॉकडाउन के दौरान जांच के लिए गाड़ी रोके जाने पर विधायक जी भड़क उठे और अधिकारी को धमकी देते हुए औकात में रहने की बात कह डाली.  मामला हजारीबाग जिला  के परसौनी के पास की है. 

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि रवीवार की दोपहर परसौनी के पास अस्थायी चेकनाका पर  विधायक उमाशंकर अकेला की गाड़ी दंडाधिकारी ने रोक दी. जिसके बाद विधायक उनसे उलझ बैठे और औकात में रहने की धमकी दे डाली. 

इस बाबत चेकनाका पर तैनत दंडाधिकारी का कहना है कि चेकनाका नहीं खोलने के कारण विधायक के साथ चल रहे शख्स ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.  वहीं विधायक ने कहा कि तुम जेई हो, तो मुझे प्रणाम क्यों नहीं किया? प्रोटोकॉल को समझो. इसके बाद करीब आधे घंटे तक कहासुनी चली. बाद में मौके पर पहुंची बीडीओ ने मामले को शांत कराया. दंडाधिकारी ने बताया कि अधिकारियों का आदेश है कि पहले गाड़ियों का नंबर नोट किया जाए. इसके बाद चेकनाका खोलना है. इसी के दौरान लेट होने पर विधायक भड़क उठे. 

वहीं विधायक का कहना है कि उनके साथ गार्ड था. इसलिए दंडाधिकारी को समझना चाहिए था कि कोई वीआईपी ही होगा. गार्ड ने मेरा परिचय भी दिया. इसके बावजूद दंडाधिकारी ने चेकनाका नहीं खोला. सने मास्क भी नहीं पहन रखा था. मेरे सामने माथे पर चश्मा रखकर बात कर रहा था.