Bihar Crime News: पूर्वी चंपारण जिले के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। हरैया थाना क्षेत्र के कस्टम चौक स्थित मैत्री ब्रिज के पास से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। वह भारत से नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त कार्रवाई में उसे पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मो. श्याम हुसैन के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के मुंशीगंज ढाका जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरोएगांव गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता का नाम गियासुद्दीन बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच और निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मैत्री ब्रिज के पास सुरक्षा बलों की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर पड़ी। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान वह भारत में वैध रूप से रहने का कोई प्रमाण नहीं दे सका।
इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर SSB की मदद से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह लंबे समय से अवैध रूप से भारत में रह रहा था और अब नेपाल के रास्ते बाहर जाने की कोशिश कर रहा था।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह भारत में कब और किस रास्ते से आया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या वह किसी संगठित नेटवर्क की मदद से भारत में रह रहा था या नेपाल के रास्ते किसी अन्य देश में जाने की योजना बना रहा था। उसके संपर्कों और गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण हरैया और रक्सौल इलाके में सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध आवाजाही, मानव तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीमा पार करने की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और SSB समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाते हैं।
मोतिहारी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ विदेशी नागरिकों से संबंधित प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। उसके दस्तावेजों, पहचान और भारत में रहने की अवधि की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध रूप से भारत में रहने या सीमा पार करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





