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दो दिन की छापेमारी के बाद ईडी ने घूसखोर इंजीनियर बीरेंद्र राम को किया अरेस्ट, देश भर के 24 ठिकानों पर चल रही थी छापेमारी

RANCHI: ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को ईडी ने बुधवार को उनके रांची के अशोक नगर आवास से गिरफ्तार कर लिया। दो दिनों तक हुई देश के 24 अलग-अलग ठिकानों में छापेमारी के दौरान बी

दो दिन की छापेमारी के बाद ईडी ने घूसखोर इंजीनियर बीरेंद्र राम को किया अरेस्ट, देश भर के 24 ठिकानों पर चल रही थी छापेमारी
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

RANCHI: ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को ईडी ने बुधवार को उनके रांची के अशोक नगर आवास से गिरफ्तार कर लिया। दो दिनों तक हुई देश के 24 अलग-अलग ठिकानों में छापेमारी के दौरान बीरेंद्र राम के अकूत संपत्ति का पता चला। पूछताछ और छापेमारी के कई सनसनीखेज जानकारी के बाद ईडी ने घूसखोर इंजीनियर को गिरफ्तार किया।


छापेमारी के दौरान ईडी को डेढ़ करोड़ से ज्यादा के जेवरात, 30 लाख से ज्यादा नकद मिले। ईडी ने जमशेदपुर लिगरानी थाने में इंजीनियर के खिलाफ घूसखोरी के एक मामले में जांच के लिए इसीआइआर के रूप में दर्ज किया था। ईडी की टीम बीरेंद्र राम को पहले हिरासत के रूप में पूछताछ की फिर उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।


ईडी ने बीरेंद्र राम के पारिवारिक सदस्यों , उनके दिल्ली स्थित सीए मुकेश मित्तल के पारिवारिक सदस्यों के अलावा ठेकेदार अतिकुल्लाह अंसा और आलोक रंजन के ठिकानों पर भी छापेमारी की। अतिकुल्लाह ही घूसखोर इंजीनियर बीरेंद्र राम के लिए पैसे की वसूली करता था। आलोक रंजन ने ईडी की नजर से बचाने के लिए खुद को इंजीनियर का नौकर बताया, लेकिन ईडी के अधिकारियों ने उसे पहचान लिया। 


बीरेंद्र राम ने अपनी काली कमाई को कर्ज के रूप मेंं दिखाया लेकिन कर्ज देने वाले का कोई अस्तित्व ही नहीं है। बीरेंद्र राम महंगी गाड़ियों का और आलीशान घर का शौकीन है। दिल्ली के छतरपुर में 4 करोड़ में खरीदे गए भवन को तोड़कर फिर से उसे आलीशान तरीके से बनाया जा रहा है। पिछले ही महीने उसने अपने पिता गंगा राम के नाम पर संपत्ति खरीदी थी।