MADHUBANI: बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मधुबनी शहर में भी सूखे नशे के सेवन और उसकी कथित बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से चिंता जताई जा रही है। इसी बीच शहर के अलग-अलग इलाकों में चाकूबाजी की तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें तीन युवक घायल हुए हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि शहर के कई इलाकों में गांजा, नशीली गोलियां और अन्य मादक पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
उधार चाय-सिगरेट नहीं देने पर चाकू मारने का आरोप
पहली घटना मधुबनी नगर थाना क्षेत्र के गांधी चौक की है। जानकारी के मुताबिक, अजय नायक की चाय दुकान पर पड़ोस में रहने वाला शुभम कुमार पहुंचा था। आरोप है कि शुभम ने अजय से उधार चाय और सिगरेट मांगी। पहले से बकाया होने के कारण दुकानदार ने दोबारा उधार देने से मना कर दिया।
इसके बाद आरोप है कि शुभम ने दुकान में रखा चाकू उठाकर अजय नायक पर हमला कर दिया। चाकू लगने से अजय गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। घायल को इलाज के लिए मधुबनी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
चोरी के सामान को लेकर युवक को बुलाकर चाकू मारने का आरोप
दूसरी घटना नगर थाना क्षेत्र के भौआरा राघोनगर की बताई जा रही है। यहां अभिषेक कुमार ने आफताब अंसारी पर घर से बुलाकर चाकू मारने का आरोप लगाया है।
अभिषेक ने नगर थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया कि 29 सितंबर को उसके घर चोरी हुई थी और लोगों ने आफताब को पहचान लिया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को चोरी का सामान लौटाने के बहाने उसे घर से बुलाया गया और कथित तौर पर चाकू मार दिया गया। इलाज कराने के बाद अभिषेक ने पुलिस से मामले में कार्रवाई के लिए लिखित आवेदन दिया है।
आपसी रंजिश में युवक पर चाकू से हमला
तीसरी घटना बिहारी ऑफिस के पास की बताई जा रही है। यहां भौआरा नूरगंज निवासी मोहम्मद इमरान पर आपसी रंजिश में छोटे नामक युवक द्वारा चाकू से हमला करने का आरोप है। घायल इमरान का इलाज मधुबनी सदर अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने चाकूबाजी की दो अलग-अलग घटनाओं में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया में जुटी है।
सूखे नशे की उपलब्धता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने शहर में कथित तौर पर सूखे नशे की बिक्री और सेवन को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कुछ चाय दुकानों और सुनसान जगहों पर लोग नशीले पदार्थों का सेवन करते देखे जाते हैं।
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने नशीले पदार्थों की कथित बिक्री पर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि शहर में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। हालांकि, इन आरोपों और नशे के कारण ही चाकूबाजी की घटनाएं होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट





