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कृषि बाजार शुल्क संबंधित फैसला वापस ले सकती है सरकार, को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने CM हेमंत से की मांग

RANCHI: झारखंड की हेमंत सरकार कृषि बाजार शुल्क में दो फीसदी टैक्स वृद्धि के फैसले को वापस ले सकती है। इसको लेकर स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सीएम हेमंत सोरेन से कृषि उपज और पशुधन विप

कृषि बाजार शुल्क संबंधित फैसला वापस ले सकती है सरकार, को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने CM हेमंत से की मांग
Mukesh Srivastava
2 मिनट

RANCHI: झारखंड की हेमंत सरकार कृषि बाजार शुल्क में दो फीसदी टैक्स वृद्धि के फैसले को वापस ले सकती है। इसको लेकर स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सीएम हेमंत सोरेन से कृषि उपज और पशुधन विपणन विधेयक पर फिर से विचार करने की अपील की है। शनिवार को को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य और झामुमो नेता विनोद कुमार पांडे, फागू बेसरा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कुमार राजा ने हेमंत सोरेन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।


कमेटी के सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से सीएम हेमंत सोरेन को बताया है कि केंद्र सरकार की जीएसटी जैसी जन विरोधी नीतियों से राज्य और देश की जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। ऐसे में बाजार शुल्क से संबंधित विधेयक में दो प्रतिशत टैक्स लगाने से जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा, इसलिए इसपर फिर से विचार करने की जरूरत है।


सदस्यों ने मुख्यमंत्री को झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन विधेयक-2022 की वजह से राज्य में उत्पन्न हालात की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा के द्वारा बाजार शुल्क से संबंधित विधेयक पारित कराया गया है। इस विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति भी मिल गई है। इसमें बाजार समिति के माध्यम से राज्य के थोक विक्रेताओं के द्वारा खाद्यान्न एवं रोजमर्रा की अन्य जरूरी वस्तुओं का व्यापार किया जाता है।


उक्त विधेयक में बाजार समिति के माध्यम से क्रय-विक्रय की जाने वाली वस्तुओं पर दो प्रतिशत टैक्स लगाया गया है, जिससे इन सभी वस्तुओं के उपभोक्ताओं मूल्य में वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में जनता को राहत देने और महंगाई का अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़े, इसके लिए बाजार शुल्क विधेयक में दो प्रतिशत टैक्स के अधिरोपण पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।

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