ब्रेकिंग
बांका मंदार पर्वत छेड़खानी मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल्लाह कोलकाता से अरेस्ट, दूध देने जा रही युवती को बनाया था शिकार✦पटना में गली के विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प, सास की मौत; बहू गंभीर, NH-80 पर उतरे ग्रामीण✦Bihar Flood News: बगहा में बाढ़ का कहर, 100 घरों में घुसा कमर तक पानी; वाल्मीकिनगर-बगहा सड़क जलमग्न✦BSEB के तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज, फर्जी डिग्री के सहारे 30 साल से कर रहे थे नौकरी✦Bihar News: CSP संचालक से 3 लाख की लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद✦बांका मंदार पर्वत छेड़खानी मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल्लाह कोलकाता से अरेस्ट, दूध देने जा रही युवती को बनाया था शिकार✦पटना में गली के विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प, सास की मौत; बहू गंभीर, NH-80 पर उतरे ग्रामीण✦Bihar Flood News: बगहा में बाढ़ का कहर, 100 घरों में घुसा कमर तक पानी; वाल्मीकिनगर-बगहा सड़क जलमग्न✦BSEB के तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज, फर्जी डिग्री के सहारे 30 साल से कर रहे थे नौकरी✦Bihar News: CSP संचालक से 3 लाख की लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद

CM हेमंत सोरेन ने बड़े भाई जगरनाथ महतो को किया याद, बोले- नियति को भी टाइगर होने का ऐहसास कराया

RANCHI: झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो काआज सुबह निधन हो गया. बता दें उनकी तबियत खराब चल रही थी जिसका उनका इलाज चल रहा था. हाल ही में उनको स्वास्थ्य में परेशानी को देखते

CM हेमंत सोरेन ने बड़े भाई जगरनाथ महतो को किया याद, बोले- नियति को भी टाइगर होने का ऐहसास कराया
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
3 मिनट

RANCHI: झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो काआज सुबह निधन हो गया. बता दें उनकी तबियत खराब चल रही थी जिसका उनका इलाज चल रहा था. हाल ही में उनको स्वास्थ्य में परेशानी को देखते हुए उन्हे रांची से चेन्नई एरलिफ्ट कर ले जाया गया था. वहीं उनका इलाज चल रहा था. इलाज के दौरान ही शिक्षा मंत्री का निधन हो गया. CM हेमंत सोरेने ने उनकी याद में एक शोक नोट लिखा है. 


उन्होंने ने लिखा है.. आज सुबह जब राजनीतिक योद्धा और संघर्ष के प्रतीक जगरनाथ दा के निधन की खबर मिली तो मैं निः शब्द होने के साथ मर्माहत हो उठा। जगरनाथ दा इस सरकार में मंत्री के साथ साथ मेरे बड़े भाई और एक ऐसे अभिभावक की भूमिका में थे जो गलतियां होने पर डांट भी लगा देते थे और कभी पीठ भी थपथपा देते थे। टाइगर के नाम से मशहूर जगरनाथ दा ने अपने संघर्ष , कर्तव्य निष्ठा, सादगी, और विचारों की स्पष्टता के कारण अपनी खास और अलग पहचान बनाई।


निर्धारित लक्ष्य हर हाल में हासिल करने की उनकी जिद से मैने बहुत कुछ सीखा। कई बार विषम परिस्थितियों में उनके सलाह,विचार और हौसला आफजाई ने हिम्मत दी और लड़ने का जज्बा दिया। जगरनाथ दा को यूं ही टाइगर नही कहा जाता था । कोरोना काल में गंभीर रूप से ग्रसित होने के बावजूद उन्होंने नियति से लंबी लड़ाई लड़ी और जीत कर अपने टाइगर होने को चरितार्थ कर दिखाया। आखिरकार हुआ वही जो नियति को मंजूर था। 


जगरनाथ दा जैसे व्यक्तित्व की कमी की भरपाई करना संभव नहीं है। उनकी कमी जीवन भर खलेगी। उनकी शिक्षा, उनका मार्गदर्शन और उनका आशीर्वाद मुझे आगे का रास्ता दिखाएगा। जगरनाथ दा ने अपने मंत्रित्व काल के दौरान शिक्षा विभाग में कुछ ऐसे निर्णय लिए जिसे झारखंड हरदम याद रखेगा । अलग झारखंड के मुखर योद्धा जगरनाथ दा की सोच और उनके संकल्पों को पूरा कर उसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमारी सरकार एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार उनके सोच और विचार को साकार करने के प्रति तब तक संकल्पित रहेगी जब तक उसे हासिल नहीं कर लिया जाता।


अपने बड़े भाई दुर्गा सोरेन जी के निधन के वक्त जिस शून्यता का एहसास हुआ था उसी शून्यता का एहसास आज हो रहा है। ईश्वर अपने श्री चरणों में दिवंगत आत्मा को स्थान दें और उनके परिवार और समर्थकों को इस दुःख में खुद को संभालने का साहस और सामर्थ्य दे यही प्रार्थना है। जगरनाथ दा अमर रहेंगे क्योंकि उनके विचार, सिद्धांत और मार्गदर्शन हमारी सरकार और हमारी पार्टी को सदैव दिशा दिखाते रहेंगे। 

टैग्स