ब्रेकिंग
बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट ✦बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट

3 जुलाई को रांची में जुटेंगे छात्र नेता, बड़े आंदोलन की तैयारी

RANCHI:नियोजन नीति के विरोध लगातार युवा कर रहे हैं। इसे लेकर पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आंदोलन किया और मुख्यमंत्री आवास का भी घेराव किया। स्थानीय नीत

3 जुलाई को रांची में जुटेंगे छात्र नेता, बड़े आंदोलन की तैयारी
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

RANCHI:नियोजन नीति के विरोध लगातार युवा कर रहे हैं। इसे लेकर पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आंदोलन किया और मुख्यमंत्री आवास का भी घेराव किया। स्थानीय नीति के विरोध में झारखंड स्टेट स्टूडेंट यूनियन ने 10 और 11 जून को झारखंड को बंद रखा। अब नयी रणनीति के तहत एक बार फिर छात्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसे लेकर झारखंड के 5 प्रमंडलों के छात्र नेता अब 3 जुलाई को रांची में जुटेंगे। और आगे की रणनीति तैयार करेंगे। पिछले छह महीने के दौरान किये गये छात्र आंदोलनों की भी समीक्षा करेंगे।


छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राज्य के सवा तीन करोड़ लोग उनके साथ हैं। यहां के  स्थानीय लोगों को सरकार नौकरी दें। राज्य हित में आगामी मानसून सत्र में इस प्रस्ताव सरकार लाये। यदि ऐसा नहीं किया गया तो छात्र एक बार फिर सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे और उग्र आंदोलन करेंगे। देवेंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही झारखंड में सभी नौकरियां रद्द हो जाती हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी छात्र अभियान चला रहे हैं अब एक बार फिर सड़क पर उतरकर छात्र विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। 


झारखंड में बिहार की तर्ज पर नियोजन नीति लागू हो यह छात्र चाहते हैं। मूल झारखंडी छात्रों को पांच वर्ष का उम्र सीमा में विशेष छुट दी जाए, जनसंख्या के अनुपात में सभी वर्गों को जिला स्तर में आरक्षण लागू हो, राज्य स्तर तथा जिला स्तर के सभी तकनीकी तथा गैर तकनीकी परीक्षा में क्षेत्रीय भाषा का पेपर अनिवार्य हो और उत्तराखंड की तर्ज़ पर परीक्षा नकल विरोधी कानून लागू किया जाए यह इन छात्रों की प्रमुख मांग है। 

टैग्स