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झारखंड में इस जिले के रैयत परेशान, कब होगा दाखिल-खारिज का समाधान? 17,000 मामले पेंडिंग...

झारखंड की राजधानी रांची में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के 17,000 से अधिक मामले लंबित हैं, जिससे जमीन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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झारखंड की राजधानी रांची में अभी भी 17 हजार से अधिक म्यूटेशन के मामले लंबित हैं, जिसके कारण जमीन मालिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने कई बार विशेष शिविर लगाकर इन मामलों को निपटाने की कोशिश की है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं।


रांची जिले के चार प्रमुख अंचलों-नामकुम, कांके, नगड़ी और रातू में सबसे ज्यादा म्यूटेशन के मामले लंबित हैं। इनमें सबसे ज्यादा 3,635 मामले नामकुम अंचल में लंबित हैं। इसके अलावा कांके में 3,211, नगड़ी में 2,074 और रातू में 1,963 मामले अभी भी निपटारे का इंतजार कर रहे हैं। अन्य अंचलों में भी म्यूटेशन के कई मामले लंबित हैं, लेकिन उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम है।


रांची सिटी अंचल की बात करें तो यहां अभी भी 599 म्यूटेशन के मामले लंबित हैं। जिले में सभी अंचलों को मिलाकर कुल 17,691 मामले लंबित हैं। इनमें कई ऐसे मामले हैं, जिनमें अंचल कार्यालय द्वारा आपत्ति जताई गई है, जबकि बड़ी संख्या में फाइलों को बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखा गया है।


म्यूटेशन के लंबित मामलों के कारण जमीन खरीदने-बेचने वालों को कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रैयत कई महीनों से अंचल कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। कई मामलों में एक ही जमीन पर अलग-अलग दावेदार खड़े हैं, जिसके कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।


प्रशासन ने लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, लेकिन काम की गति काफी धीमी है। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

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