ब्रेकिंग
अब गंगा में नहीं गिरेगा शहर का गंदा पानी, 19 नालों पर लगेगी रोक; 51 MLD STP से बदलेगी तस्वीरमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचअब गंगा में नहीं गिरेगा शहर का गंदा पानी, 19 नालों पर लगेगी रोक; 51 MLD STP से बदलेगी तस्वीरमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांच

सड़क हादसों में घायलों के मददगार नहीं होंगे परेशान, सरकार ने जारी की अधिसूचना

DESK : सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले मददगार अब परेशान नहीं होंगे. घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले अथवा चिकित्सीय सहायता करने वाले 'अच्छे शहरी' की पहचान गुप्त रखी

सड़क हादसों में घायलों के मददगार नहीं होंगे परेशान, सरकार ने जारी की अधिसूचना
Anamika
2 मिनट

DESK :  सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले मददगार अब परेशान नहीं होंगे. घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले अथवा चिकित्सीय सहायता करने वाले 'अच्छे शहरी'  की पहचान  गुप्त रखी जाएगी.

 पुलिस अच्छे शहरी से पहचान, नाम, पता, मोबाइल नंबर बताने के लिए दबाव नहीं बना सकेगी. पुलिस उन्हें थाने पर बुलाने के लिए तंग नहीं करेगी और ना ही उनको सिविल अथवा आपराधिक मामले में गवाह बना सकती है.

 अच्छे शहरी स्वेच्छा से अपनी पहचान बता सकते हैं अथवा अदालत में बतौर गवाह पेश होने की इच्छा जता सकते हैं. लेकिन यह सारी उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को संरक्षण देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें उल्लेख है कि मोटर वाहन अधिनियम 2019 के सेक्शन 134-ए दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने अथवा चिकित्सीय मदद करने वाले  एक अच्छे शहरी नागरिक को सिविल और अपराधिक मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता है और ना ही उसे सड़क हादसे की किसी मामले में गवाह बनाया जा सकता है.