DESK: 9 बच्चों की मां ने अपनी 10वीं डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल जाने और सिजेरियन ऑपरेशन कराने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने महिला की गर्भावस्था को हाई रिस्क बताया। कहा कि ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। लेकिन महिला ने डॉक्टर की बात नहीं मानी और अस्पताल में भर्ती होने के बजाय घर लौट गई।
मामला राजस्थान के खैरथल जिले से निकलकर आया है। जहां कोटकासिम ब्लॉक के मुनपुर ठाकरान खानपुर निवासी नारायण की पत्नी सरोज 10वीं संतान को जन्म देने वाली है। महिला को उप स्वास्थ्य केंद्र खानपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)रेफर किया गया। जांच में उसका ब्लड प्रेशर 170 से 190 के बीच पाया गया, जिसे डॉक्टरों ने अत्यंत गंभीर और हाई रिस्क स्थिति माना।
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस से अलवर के जनाना अस्पताल भेजा गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया। लेकिन महिला जयपुर जाने के बजाय वापस अपने घर लौट आई और अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार महिला और उसके परिजनों को समझाने की कोशिश की। कई बार स्वास्थ्यकर्मी भी महिला के घर जाकर उसे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी लेकिन महिला अब भी घर पर ही प्रसव कराने की जिद पर अड़ी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि महिला की गर्भावस्था अत्यंत संवेदनशील स्थिति में है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में अस्पताल में प्रसव कराना मां और गर्भस्थ शिशु, दोनों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन महिला का कहना है कि उसके 9 बच्चों का डिलीवरी नॉर्मल हुआ है, दसवें बच्चे का भी नॉर्मल डिलीवरी ही हो वो यही चाहती है। अभी भी स्वास्थ्य विभाग महिला को समय रहते अस्पताल लाने के प्रयास में जुटा है, ताकि किसी भी तरह की गंभीर चिकित्सकीय जटिलता से बचा जा सके।





