PATNA: पूरे देश में इस वक्त भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) का भयंकर प्रकोप चल रहा है। जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश के कई हिस्सों में आसमान से आग बरस रही है और तापमान 45°C से 48°C के पार पहुँच चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में 90 से अधिक शहर भारत के हैं। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है।
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी-लू को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को इससे बचने के टिप्स बताए। पीएम मोदी ने फेसबुक पर लिखा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। उन्होंने आगे कहा कि कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।
अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।
जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें।पीएम मोदी ने यह भी सलाह दी है कि इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।





