Petrol Diesel Rates: देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ हफ्तों में ईंधन के दाम लगातार बढ़े हैं और अब एक बार फिर कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल बढ़ोतरी 10 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच सकती है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही है। ऐसे में सरकारी तेल कंपनियों के लिए मौजूदा दरों पर ईंधन बेचना मुश्किल होता जा रहा है।
15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है। सबसे पहले 15 मई को दोनों ईंधनों के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को करीब 90 पैसे, 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई। फिर 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया। इन चार बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
अब रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अनुमान जताया है कि तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 2.5 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। अगर यह बढ़ोतरी होती है तो आम लोगों पर महंगाई का बोझ और बढ़ जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई और परिवहन खर्च बढ़ जाता है, जिसका असर सीधे बाजार पर दिखाई देता है। सब्जियां, फल, दूध, अनाज और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा बस, टैक्सी, ऑटो और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं का खर्च भी बढ़ सकता है।
आर्थिक जानकारों के मुताबिक अब तक हुई 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। यदि कीमतों में और वृद्धि होती है तो महंगाई दर में और इजाफा देखने को मिल सकता है।
हालांकि सरकार और तेल कंपनियों की ओर से फिलहाल नई बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के हालात और बढ़ती लागत को देखते हुए आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सबकी नजर बनी हुई है।





