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Nepal Bangladesh Border: नेपाल-बांग्लादेश सीमा से सटे थाने बनेंगे हाईटेक, तस्करी और घुसपैठ पर लगेगी पूरी तरह रोक

Nepal Bangladesh Border: ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल-बांग्लादेश सीमा पर सुपौल, अररिया, किशनगंज के थाने हाईटेक होंगे। ड्रोन, जीपीएस और बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम से तस्करी और घुसपैठ पर लगेगी रोक।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 18, 2025, 8:38:36 AM

Nepal Bangladesh Border

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Meta

Nepal Bangladesh Border: पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल और बांग्लादेश से सटी सीमाओं पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल के थानों को हाईटेक बनाने की योजना तेज हो गई है। बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी जैसे सीमावर्ती जिलों के थानों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। पहले चरण में 30 थानों को चिह्नित कर सीसीटीवी, ड्रोन, बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम और जीपीएस युक्त मोबाइल यूनिट्स लगाई जाएंगी। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर कागजी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से तस्करी, मानव तस्करी और नकली नोटों का कारोबार जैसी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। हाईटेक थानों के जरिए इन गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इन थानों में डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड मैनेजमेंट और रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट्स भी होंगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इससे सीमाई क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटना आसान होगा।


बता दें कि नेपाल का नो मेंस लैंड क्षेत्र स्थानीय पुलिस और सशस्त्र बलों के लिए चुनौती बना रहता है, जहां संदिग्धों और जवानों के बीच तनाव की स्थिति रहती है। बांग्लादेश सीमा पर भी बीएसएफ की चौकसी के बावजूद घुसपैठिए भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। हाईटेक थाने इन समस्याओं से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगे। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सीमाई थानों को चिह्नित कर लगातार निगरानी की जा रही है और आधुनिक उपकरण दिए जा रहे हैं।


गृह मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमाई थानों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने किशनगंज दौरे के दौरान भी कहा था कि इन थानों को बेहतर बनाया जाएगा। खुफिया विभाग ने भी सीमाई थानों को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया है। लाइव फीड मॉनिटरिंग रूम और रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट्स से निगरानी और कार्रवाई में तेजी आएगी।