ब्रेकिंग
सिमुलतला आवासीय विद्यालय में चयन के बाद भी नहीं मिला एडमिशन, छात्र ने CM-PM से लगाई न्याय की गुहारआपसी विवाद में खूनी खेल, दामाद ने चाकू से गोदकर की ससुर की हत्या; पुलिस ने दबोचामगध विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में ABVP का हंगामा, एक घंटे से अधिक बाधित रही कार्यवाहीमोबाइल वाली Gen Z को साधने की तैयारी! BJP बनाएगी युवाओं से सीधा कनेक्शन; तैयार हुई ख़ास टीम ; इन नेताओं को मिली जिम्मेदारीनगर निगम बोर्ड की बैठक में जोरदार हंगामा, पार्षद बेहोश होकर गिरे; धरना और भारी नारेबाजीसिमुलतला आवासीय विद्यालय में चयन के बाद भी नहीं मिला एडमिशन, छात्र ने CM-PM से लगाई न्याय की गुहारआपसी विवाद में खूनी खेल, दामाद ने चाकू से गोदकर की ससुर की हत्या; पुलिस ने दबोचामगध विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में ABVP का हंगामा, एक घंटे से अधिक बाधित रही कार्यवाहीमोबाइल वाली Gen Z को साधने की तैयारी! BJP बनाएगी युवाओं से सीधा कनेक्शन; तैयार हुई ख़ास टीम ; इन नेताओं को मिली जिम्मेदारीनगर निगम बोर्ड की बैठक में जोरदार हंगामा, पार्षद बेहोश होकर गिरे; धरना और भारी नारेबाजी

केरल के 10 हजार मस्जिदों पर पहली बार फहराया गया तिरंगा, जानिए इसका बड़ा कारण

DESK: पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल के 10 हजार से अधिक मस्जिदों में तिरंगा फहराया गया है. कुट्टियादी जुमा मस्जिद समिति के सचिव के बशीर ने इसको लेकर बताया कि वक्फ बोर्ड के न

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

DESK: पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल के 10 हजार से अधिक मस्जिदों में तिरंगा फहराया गया है. कुट्टियादी जुमा मस्जिद समिति के सचिव के बशीर ने इसको लेकर बताया कि वक्फ बोर्ड के निर्देश पर राज्य की करीब 10 हजार मस्जिदों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. साथ ही संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी गई. 

देश की एकता बनाए रखने के लिए हुए यह काम

बशीर ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से संविधान खतरे में है. इस कानून से धर्म के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है. इसलिए, हमने एकजुटता के साथ संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और देश की एकता बनाए रखने के लिए हमने मस्जिदों में राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया है. हमलोग एनआरसी का विरोध जारी रखेंगे. 

केरल में वामदल ने बनाई मानव श्रृंखला

केरल में आज वामदलों ने मानव श्रृंखला में करीब 60 से 70 लाख लोग शामिल हुए. इसकी लंबाई 620 किमी थी.  मानव श्रृंखला शाम 4 बजे बनाई गई थी. बाद में लोगों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और इसकी रक्षा करने की शपथ ली. इसमें माकपा के सीनियर नेता शामिल हुए. यह मानव श्रृंखला नागरिकता संसोधन बिल के विरोध में था.