ब्रेकिंग
नगर निगम बोर्ड की बैठक में जोरदार हंगामा, पार्षद बेहोश होकर गिरे; धरना और भारी नारेबाजीरसोई का बजट बिगाड़ रहे प्याज, चीनी, दाल और खाद्य तेल! अचानक क्यों बढ़ने लगी कीमतें, जानिए वजहतीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... नगर निगम बोर्ड की बैठक में जोरदार हंगामा, पार्षद बेहोश होकर गिरे; धरना और भारी नारेबाजीरसोई का बजट बिगाड़ रहे प्याज, चीनी, दाल और खाद्य तेल! अचानक क्यों बढ़ने लगी कीमतें, जानिए वजहतीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला...

केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, चीन के लिंक वाले 138 सट्टेबाजी और 94 लोन ऐप्स पर बैन

DELHI: सट्टेबाजी और लोन एप्स के जरिय देश में लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले मोबाइल ऐप्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से चीन के ल

केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, चीन के लिंक वाले 138 सट्टेबाजी और 94 लोन ऐप्स पर बैन
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: सट्टेबाजी और लोन एप्स के जरिय देश में लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले मोबाइल ऐप्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से चीन के लिंक वाले 138 सट्टेबाजी और 94 लोन ऐप्स पर बैन लगाने का निर्देश संबंधित विभाग को दिया है। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद इन ऐप्स को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


केंद्र सरकार को लंबे समय से इन ऐप्स से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। करीब 6 महीने से केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ऐसे 28 ऐप्स की जांच कर रही थी। जांच के दौरान 94 ऐप ऐसे मिले जो किसी तीसरे लिंक के माध्यम से काम कर रहे थे। तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से इन ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।


जांच के दौरान पाया गया कि इन ऐप्स का जासूसी और प्रोपेगेंडा के औजार के रूप में भी दुरुपयोग किया जा सकता है वहीं इन्हें यूज करने वाले लोगों के डेटा की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। बैन किए गए लगभग सभी ऐप चीन के द्वारा तैयार किए थे। चीन ने इस काम की जिम्मेवारी भारतीय नागरिकों को दे रखी थी। इन ऐप्स के जरिए पहले लोगों को लोन दिया गया और बाद में ब्याज बढ़ा दिए। लोन लेने वाले लोग जब कर्ज नहीं चुका पा रहे थे कर्जदारों को परेशान करना शुरू कर दिया।गृह मंत्रालय के निर्देश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन ऐप्स को ‘इमरजेंसी ब्लॉक’ करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।