DESK: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू-कश्मीर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं में कई लोगों की मौत हो गई है। सबसे अधिक तबाही जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में देखने को मिली, जहां बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वही नगालैंड के मोन जिले में भूस्खलन की बड़ी घटना में 8 लोगों की मौत हो गई।
पुंछ में मकान पर गिरा मलबा, 5 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया। घटना के समय घर में आठ लोग मौजूद थे। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो वर्षीय बच्चे समेत पांच लोगों के शव बरामद किए गए। अन्य लोगों की तलाश जारी है।
किश्तवाड़ में बादल फटने से भारी तबाही
वहीं, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सुर्नू क्षेत्र में बादल फटने से घरों और खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 200 से अधिक वाहन बह गए। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
नगालैंड में भूस्खलन से 8 लोगों की मौत
नगालैंड के मोन जिले में भूस्खलन की बड़ी घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने मलबे से आठ शव बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन का कहर
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। राज्य में करीब 1.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मानसून की वजह से 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर असर
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण कैलाश-मानसरोवर यात्रा भी प्रभावित हुई है। गरबाधार क्षेत्र में भूस्खलन से गुंजी जाने वाला मार्ग बंद होने के कारण 50 तीर्थयात्रियों के चौथे जत्थे को धारचूला बेस कैंप में ही रोक दिया गया है।
उत्तराखंड में रेड अलर्ट, कई सड़कें बंद
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हरिद्वार जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। भूस्खलन के कारण राज्यभर में 84 सड़कें बंद हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों में रेड अलर्ट, जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।





