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हाथरस सत्संग कांड को लेकर पहला केस दर्ज, लेकिन FIR में बाबा का नाम नहीं; उठ रहे सवाल

DESK: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। इस हादसे को लेकर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न धारा

हाथरस सत्संग कांड को लेकर पहला केस दर्ज, लेकिन FIR में बाबा का नाम नहीं; उठ रहे सवाल
Mukesh Srivastava
3 मिनट

DESK: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। इस हादसे को लेकर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस कांड को लेकर दर्ज किए गए पहले केस में मुख्य सेवादार देवप्रकाश माथुर और आयोजकों को आरोपी बनाया गया है लेकिन बाबा का नाम नहीं है।


दरअसल, मंगलवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में आयोजित एक सत्यसंग के दौरान भगदड़ मच गई। जिसमें सौ से अधिक लोगों की जान चली गई है जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले को लेकर पहला केस दर्ज किया है। हाथरस के सिकंदराराऊ थाने में दो जुलाई की देर रात ब्रजेश पांडेय नाम के शख्स ने केस दर्ज कराया।


पुलिस द्वारा दर्ज किए गए इस केस में सिकंदराराऊ के दमदपुरा के रहने वाले मुख्य सेवादार देवप्रकाश को आरोपी बनाया गया है लेकिन सत्संग करने वाले भोले बाबा का नाम शामिल नहीं है। ऐसे में पुलिस की इस एफआईआर पर सवाल भी उठ रहे हैं। इस बात की भी जांच की जा रही है कि सत्संग के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और अगर ली गई थी तो कितने लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही गई थी।


कहा जा रहा है कि सत्संग के आयोजन के लिए जो अनुमति ली गई थी उसमें 80 हजार लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी लेकिन दावा किया जा रहा है कि उससे कहीं अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आयोजकों द्वारा पुलिस से लोगों की संख्या को कम बताया गया है। कहा जा रहा है कि करीब ढाई लाख लोग इस सत्संग में शामिल हुए थे। ये भी सवाल उठ रहे हैं कि इनती भीड़ होने के बावजूद मुकम्मल व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी?