ब्रेकिंग
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में VIP का 'बिहार बंद' को समर्थन, बोली- सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता अपनाएपटना छात्र हिंसा मामला: माले विधायक संदीप सौरभ और AISA अध्यक्ष धनंजय कुमार गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत 118 पुलिस वाले गिरफ्तार किये गये हैं, उपद्रवियों के हंगामे पर बोले मनोज तिवारी भरत तिवारी एनकाउंटर के सवा महीने बाद सरकार को आया होश? जगदीशपुर एसडीओ भी हटाए गए, तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा भी लाइन हाजिर माले विधायक संदीप सौरभ और AISA अध्यक्ष धनंजय गिरफ्तार, आवास से कोतवाली थाना ले गई पुलिस छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में VIP का 'बिहार बंद' को समर्थन, बोली- सरकार दमन नहीं, संवाद का रास्ता अपनाएपटना छात्र हिंसा मामला: माले विधायक संदीप सौरभ और AISA अध्यक्ष धनंजय कुमार गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत 118 पुलिस वाले गिरफ्तार किये गये हैं, उपद्रवियों के हंगामे पर बोले मनोज तिवारी भरत तिवारी एनकाउंटर के सवा महीने बाद सरकार को आया होश? जगदीशपुर एसडीओ भी हटाए गए, तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा भी लाइन हाजिर माले विधायक संदीप सौरभ और AISA अध्यक्ष धनंजय गिरफ्तार, आवास से कोतवाली थाना ले गई पुलिस

सपना चौधरी के मंच साथी पेप्सी शर्मा नहीं रहे, 38 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुई मौत

हरियाणवी लोक संगीत जगत को बड़ा झटका लगा है। लोकप्रिय रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का कथित तौर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया। सपना चौधरी के साथ उनकी जोड़ी मंचों पर काफी लोकप्रिय थी।

हरियाणा न्यूज
लोक संगीत जगत में शोक की लहर
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

Pepsi Sharma Death: हरियाणवी लोक संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय रागिनी गायक 38 वर्षीय पेप्सी शर्मा का सोमवार सुबह कथित तौर पर हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोक संगीत प्रेमियों एवं कलाकारों में शोक की लहर दौड़ गई है।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आज सुबह पेप्सी शर्मा को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही लोक संगीत जगत में शोक का माहौल छा गया।


सपना चौधरी के साथ थी लोकप्रिय जोड़ी

रागिनी मंचों पर पेप्सी शर्मा की लोकप्रियता काफी अधिक थी। खासकर प्रसिद्ध लोक कलाकार सपना चौधरी के साथ उनकी जुगलबंदी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता था। दोनों कलाकारों के रागिनी मुकाबले और मंचीय कार्यक्रम लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहते थे। उनकी प्रस्तुतियों को देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक जुटते थे।


अमरोहा के पतला गांव के रहने वाले थे पेप्सी शर्मा

पेप्सी शर्मा उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पतला गांव के निवासी थे। उन्होंने वर्षों तक अपनी दमदार आवाज और विशिष्ट गायन शैली के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपराओं को मंचों तक पहुंचाया। उनकी रागनियों में गांव की संस्कृति, किसानों का संघर्ष, पारिवारिक मूल्य और लोकजीवन की सादगी की झलक मिलती थी।


लोक संस्कृति के सशक्त संवाहक थे

पश्चिमी उत्तर प्रदेश ग्रामीण रागिनी आयोजक संस्था सहित कई सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। रागिनी गायक सुभाष खटाना ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पेप्सी शर्मा की गायकी में केवल सुर और ताल ही नहीं, बल्कि मिट्टी की सोंधी खुशबू, गांव का दर्द और समाज की भावनाएं भी झलकती थीं। वह केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि लोक संस्कृति के सच्चे संवाहक थे।


प्रशंसकों और कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद कलाकारों और आयोजकों ने कहा कि कलाकार कभी वास्तव में विदा नहीं होते, उनकी कला हमेशा जीवित रहती है। हरियाणवी लोक परंपरा की प्रसिद्ध पंक्ति— "नाम रहैगा नेक कमाई का, तन तो मिट्टी हो जावेगा" पेप्सी शर्मा के जीवन और योगदान को पूरी तरह परिभाषित करती है। रागिनी मंचों से उनकी भौतिक उपस्थिति भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन उनकी बुलंद आवाज, अनूठी गायन शैली और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनके निधन से हरियाणवी लोक संगीत जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।


टैग्स