Bihar Crime News: बिहार में माफिया और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज होने जा रही है। पुलिस ने करीब चार हजार ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनकी संपत्ति जब्त करने के लिए अलग-अलग जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 800 मामलों में संपत्ति जब्ती के प्रस्ताव न्यायालय भेजे जा चुके हैं। इन मामलों में चिराग पासवान की पार्टी के विधायक अमित रानू का नाम भी शामिल है।
यह जानकारी सोमवार, 7 सितंबर 2026 को लॉ एंड ऑर्डर एडीजी केएस अनुपम ने दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने करीब चार हजार लोगों को चिह्नित किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अलग-अलग जिलों से संपत्ति जब्ती को लेकर प्राप्त प्रस्तावों की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है।
एडीजी केएस अनुपम के मुताबिक, अब तक करीब 800 प्रस्ताव न्यायालय भेजे जा चुके हैं। इन मामलों में कोर्ट के स्तर पर सुनवाई की प्रक्रिया होगी। आरोपित पक्ष को अपना दावा और जवाब दाखिल करने का पूरा अधिकार है। पुलिस की ओर से भेजे गए प्रस्तावों पर न्यायालय के स्तर पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया न्यायालय की प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ती है। इसलिए पुलिस द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अंतिम निर्णय न्यायालय के स्तर पर होगा।एडीजी ने बताया कि पुलिस अब ट्रायल मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ-साथ अहम और महत्वपूर्ण मामलों यानी लैंडमार्क केस पर विशेष रूप से काम करेगी।
इसका उद्देश्य गंभीर मामलों में मुकदमों की सुनवाई और ट्रायल की प्रगति पर लगातार नजर रखना है।पुलिस का प्रयास है कि महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो और मुकदमों की प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा सके। इसके लिए संबंधित मामलों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
केएस अनुपम ने बताया कि कार्रवाई से जुड़े लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम भी किया जा रहा है। पुलिस अब तक चार हजार से अधिक लोगों की ट्रेसिंग कर चुकी है, जबकि करीब 30 लोगों की ट्रेसिंग अभी बाकी है। पुलिस का फोकस माफिया और संगठित अपराध से जुड़े लोगों की पहचान करने से लेकर उनकी संपत्ति जब्त करने के प्रस्ताव तैयार करने और मुकदमों की ट्रायल मॉनिटरिंग तक पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर है।





