23 करोड़ का टैक्स 50 लाख करने के लिए 1.5 करोड़ की रिश्वत डील, GST अफसर प्रभा भंडारी गिरफ्तार

GST डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी पर 23 करोड़ के टैक्स को 50 लाख करने के बदले 1.5 करोड़ की रिश्वत डील करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। सीबीआई पूरे मामले की जांच में जुटी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 02:29:01 PM IST

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IRS अफसर पर कार्रवाई - फ़ोटो social media

DESK: 23 करोड़ के टैक्स को 50 लाख रुपये करने के लिए 1.5 करोड़ की रिश्वत की डील मामले में GST अफसर प्रभा भंडारी और उनके करीबियों को गिरफ्तार किया गया है। CGST की डिप्टी कमिश्नर एवं IRS अफसर प्रभा भंडारी को गिरफ्तारी के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अब सीबीआई उनके पुराने मामलों की भी जांच कर रही हैं। प्रभा भंडारी पर अब शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है।


जांच में सामने आया है कि एक फर्म पर करीब 23 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था, जिसे निपटाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत में सौदेबाजी की गई। इस डील के तहत फर्म को 23 करोड़ की जगह केवल 50 लाख रुपये टैक्स जमा करना था, जिससे सरकारी राजस्व को करीब 22.5 करोड़ रुपये का नुकसान होता।


कैसे शुरू हुई डीलिंग?

18 दिसंबर को प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झांसी के झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर और जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आईं और करीब 13 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई। नियमों के अनुसार ब्याज और जुर्माने सहित दोनों फर्मों पर लगभग 23 करोड़ रुपये जमा करने का दबाव था।


इसी दौरान कारोबारी ने अपने वकील नरेश से संपर्क किया। वकील ने जीएसटी सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा से बातचीत की। तीनों अधिकारियों ने टैक्स की रकम कम कराने के बदले पहले 2 करोड़ रुपये की मांग की, जो बाद में 1.5 करोड़ रुपये पर तय हो गई।


विजिलेंस और CBI की कार्रवाई

इस बड़ी भ्रष्टाचार डील की भनक विजिलेंस और जांच एजेंसियों को लग गई। सबूत मिलने के बाद कार्रवाई तेज की गई। 30 दिसंबर को CBI ने 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राज मंगनानी और वकील नरेश को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।


आगे की जांच

शासन के निर्देश पर अब प्रभा भंडारी की चल-अचल संपत्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही पिछले कुछ समय में उनके द्वारा निपटाए गए अन्य टैक्स मामलों की फाइलें भी खोली जा रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस तरह की डील पहले भी की गई थीं और इसमें अन्य अधिकारी या बिचौलिए शामिल थे या नहीं।