Gen Alpha Protest: देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही छात्र-छात्राओं के प्रदर्शनों की तस्वीरें एक बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब भोजन, बुनियादी सुविधाओं का अभाव, सड़क और परिवहन जैसी समस्याओं को लेकर बच्चे अब सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं रह रहे हैं, बल्कि अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं.
2010 के बाद जन्मी पीढ़ी को आम तौर पर Gen Alpha कहा जाता है. इस पीढ़ी के बच्चों के प्रदर्शन हाल के दिनों में कई शहरों और गांवों में चर्चा का विषय बने हैं. कहीं छात्र स्कूल में शिक्षकों की कमी के खिलाफ सड़क पर बैठे, तो कहीं छात्राओं ने हॉस्टल में खराब भोजन और अव्यवस्था की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट का रुख किया. कई मामलों में बच्चों के प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना पड़ा.
लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर सड़क पर उतरे छात्र
लखनऊ के दुबग्गा इलाके में जयप्रकाश नारायण स्कूल के छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर बैठ गए और दुबग्गा रोड पर यातायात प्रभावित हुआ. छात्रों का कहना था कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाया. इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य कराई गई. बताया गया कि इससे पहले भी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त किया था.
सिरोही में 50 छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं
राजस्थान के सिरोही में जनजाति गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच गईं. छात्राओं ने हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और रहने की व्यवस्था को लेकर शिकायत की.
छात्राओं की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए. छात्राओं का कहना था कि हॉस्टल में उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
अलवर में स्कूल की बदहाली को लेकर प्रदर्शन
राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी स्थित जोधावास सरकारी स्कूल में भी छात्रों ने स्कूल की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. छात्रों की मांगों में नए स्कूल भवन, शौचालय, पेयजल और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल थीं.
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली. प्रशासन की ओर से करीब एक महीने में मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया.
कन्नौज में छात्रों ने खुद को क्लासरूम में किया बंद
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं, भोजन और शिक्षकों के व्यवहार से जुड़ी शिकायतों को लेकर विरोध किया. छात्रों के प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा.
वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझाकर क्लासरूम से बाहर निकाला.
गढ़वा में शिक्षक के तबादले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
झारखंड के गढ़वा में शिक्षक मलय सिंह के तबादले के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी रहा. छात्रों ने सड़क जाम कर शिक्षक का तबादला रोकने की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों को समझाने पहुंचे प्रखंड प्रमुख पर एक छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप लगा. इसके बाद छात्रों ने नाराजगी जताई और वाहन में तोड़फोड़ की. मामले में छात्रों ने कार्रवाई की मांग की.
हमीरपुर में सड़क की मांग लेकर प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के चंदूपुर गांव में सड़क की समस्या को लेकर स्कूली बच्चों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ. बच्चों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सड़क निर्माण की मांग की थी.
इसके बाद ADM, SDM, खनिज विभाग और PWD के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही.
विदिशा में बस किराये के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में बस किराया बढ़ने के विरोध में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया. छात्राओं ने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की और विधायक से बस किराया कम करने की मांग की.
राजगढ़ में स्कूल के सामने शराब दुकान हटाने की मांग
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सांडावता में पीएम श्री स्कूल और कन्या शाला के छात्र-छात्राओं ने स्कूल के सामने संचालित शराब दुकान हटाने और सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
छात्रों ने करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया. प्रशासन की ओर से एक महीने के भीतर कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ. वहीं, ABVP ने मांगें पूरी नहीं होने पर आगे आंदोलन की चेतावनी दी.
बच्चों के प्रदर्शन से प्रशासन पर बढ़ रही जवाबदेही
इन घटनाओं में एक बात समान दिखाई देती है. छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं. कई मामलों में प्रदर्शन के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और समस्याओं की जांच या समाधान का भरोसा दिया.
शिक्षकों की कमी से लेकर स्कूल भवन, भोजन, सड़क, परिवहन और आसपास के माहौल से जुड़ी समस्याओं तक बच्चों की मांगें अलग-अलग हैं. इन प्रदर्शनों ने स्थानीय प्रशासन के सामने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और बच्चों की समस्याओं को लेकर जवाबदेही का सवाल भी खड़ा किया है.





