Bihar Road Project 2026: बिहार में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है. कुछ परियोजनाओं का निर्माण जारी है तो कुछ के काम को जल्द पूरा करने की तैयारी है. इसी कड़ी में औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में जाम की समस्या से लोगों को राहत देने के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. करीब 288 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बाईपास औरंगाबाद-पटना एनएच-139 पर शहर के बाहर से होकर गुजरेगा.
बाईपास के निर्माण पर करीब 159 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि बाकी राशि जमीन अधिग्रहण में खर्च की जाएगी. इसके लिए करीब 29.08 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. निर्माण कार्य एनएचएआई की राशि से कराया जाएगा.
प्रस्तावित बाईपास दाउदनगर भखरुआ चौक से पूरब की ओर बनाया जाएगा. यह दाउदनगर-पटना मार्ग पर बीएड कॉलेज के पास एनएच-139 से शुरू होकर औरंगाबाद की ओर नासरीगंज रोड ओवरब्रिज के पास दोबारा एनएच-139 से जुड़ेगा.
NH-120 के ऊपर से गुजरेगा बाईपास
बाईपास का एक हिस्सा एनएच-120 के ऊपर से गुजरेगा. इसके लिए यहां ओवरब्रिज बनाया जाएगा. इसके अलावा जेल से पहले बुधनबिगहा गांव के पास से भी बाईपास का रास्ता गुजरेगा.
बाईपास के निर्माण के लिए दाउदनगर के अमौना, सिपहा, नीमा, अंकोरहा, तरारी, पिलछी, तरार और महावर मौजा में जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर बुधवार को अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया.
निरीक्षण करने वाली टीम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शुभेंद्र कुमार झा, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव, दाउदनगर एलआरडीसी प्रणव कुमार, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जीतेंद्र कुमार सिन्हा, दाउदनगर सीओ समेत अन्य अधिकारी शामिल थे.
टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में
एनएच के कार्यपालक अभियंता तुलसी प्रसाद ने बताया कि बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की तैयारी है. निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
भूमि अधिग्रहण के लिए छह सदस्यीय टीम बनाई गई है. दाउदनगर एसडीएम और एलआरडीसी को लगातार निगरानी करते हुए समय पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है. जमीन से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का भी जल्द समाधान करने को कहा गया है, ताकि निर्माण कार्य शुरू करने में कोई परेशानी न हो.
दाउदनगर में भखरुआ चौक के आसपास अक्सर वाहनों का दबाव रहता है. बाईपास बनने के बाद पटना और औरंगाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. इससे शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है और लोगों को आने-जाने में भी सुविधा मिलेगी.
औरंगाबाद की डीएम अभिलाषा शर्मा ने बताया कि प्रशासन की कोशिश है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर बाईपास का निर्माण शुरू कराया जा सके.





