ब्रेकिंग
बिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

दिल्ली की हिंसा में तबाह हुआ बिहार का परिवार, दंगाइयों की गोली से आरा के युवक की मौत, पत्नी-मासूम बच्चों का कोई सहारा नहीं

DELHI : दिल्ली में भड़की हिंसा ने बिहार के एक परिवार को तबाह कर दिया है. दंगाइयों की गोली से आरा के रहने वाले दीपक कुमार की मौत हो गयी है. दीपक की विधवा और उसके तीन मासूम बच्च

FirstBihar
First Bihar
2 मिनट

DELHI : दिल्ली में भड़की हिंसा ने बिहार के एक परिवार को तबाह कर दिया है. दंगाइयों की गोली से आरा के रहने वाले दीपक कुमार की मौत हो गयी है. दीपक की विधवा और उसके तीन मासूम बच्चों का अब कोई सहारा नहीं बचा.


परिवार का पेट पालने दिल्ली गया था दीपक
भोजपुर जिले के चांदी थाने के सलेमपुर गांव का दीपक रोजी-रोटी के लिए दिल्ली गया था. दिल्ली में मजदूरी का काम कर वह अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों का परिवार चला रहा था. दो दिन पहले दीपक सामान खरीदने बाजार निकला था और फिर वापस नहीं लौटा. उसके साथ रहने ग्रामीणों ने जब खोजबीन की तो दीपक का शव मिला.


दीपक के चाचा नंद कुमार यादव ने बताया कि उनका भतीजा सब्जी लेने बाजार गया था. तभी हिंसक भीड़ ने फायरिंग और पथराव शुरू कर दी. दीपक उसकी चपेट में आ गया. गोली लगने से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी.


दीपक के परिजनों के मुताबिक उसके शव को दिल्ली से गांव लाया जा रहा है. गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया जायेगा. दीपक की मौत के बाद उसके पूरे परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा है. घऱ में विधवा सरिता के अलावा तीन मासूम बच्चे हैं. दीपक का बेटा सिर्फ 6 साल का है. वहीं छोटी बेटी सिर्फ 4 साल की है. घऱ का खर्च चलाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा.


इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने बताया कि गरीब परिवार का दीपक अपने परिवार का पेट पालने दिल्ली गया था. वहां मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. स्थानीय लोगों ने नीतीश सरकार से दीपक के परिजनों को मदद देने की मांग की है.