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कोरोना काल में स्कूल खोलने के लिए गाइडलाइन तैयार, केंद्र सरकार ड्राफ्ट पर लेगी अंतिम फैसला

DELHI : कोरोना काल में स्कूलों को खोलने को लेकर गाइडलाइन तैयार कर ली गई है। एनसीईआरटी ने केंद्र सरकार को गाइडलाइन का ड्राफ्ट सौंप दिया है। इस गाइडलाइन पर केंद्र सरकार को अंतिम

FirstBihar
Santosh Singh
4 मिनट

DELHI : कोरोना काल में स्कूलों को खोलने को लेकर गाइडलाइन तैयार कर ली गई है। एनसीईआरटी ने केंद्र सरकार को गाइडलाइन का ड्राफ्ट सौंप दिया है। इस गाइडलाइन पर केंद्र सरकार को अंतिम फैसला लेना है। एनसीईआरटी की तरफ से तैयार किए गए ड्राफ्ट में स्कूल खोलने के लिए छह चरण तय किए गए हैं। एनसीईआरटी की तरफ से तैयार किए गए ड्राफ्ट में स्कूलों के अंदर बच्चों को और ऑड इवेन के आधार पर हफ्ते में 3 दिन आने का सुझाव दिया गया है या फिर दो शिफ्ट में भी बच्चों को बुलाने की बात कही गई है। इतना ही नहीं गाइडलाइन में यह भी सुझाव दिया गया है कि स्कूलों को कमरे की बजाय खुले में चलाया जाए। मौसम खराब होने की स्थिति में अगर कमरे में क्लास लगानी पड़े तो एयर कंडीशनर को बंद रखा जाए और खिड़की दरवाजे खुले रखे जाएं। साथ ही साथ ट्रांसपोर्ट में एक सीट पर एक ही बच्चे को बैंक में की व्यवस्था हो। 


स्कूल खोलने के 6 चरण


एनसीईआरटी ने केंद्र सरकार को जो ड्राफ्ट सौंपा है उसमें स्कूल खोलने के लिए 6 चरण रखे गए हैं। पहले चरण में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। एक हफ्ते बाद दूसरे चरण में नौवीं और दसवीं की क्लास शुरू होगी। 2 हफ्ते बाद छठी क्लास से लेकर आठवीं तक की पढ़ाई शुरू होगी। 3 हफ्ते बाद क्लास थ्री से पांचवी तक की पढ़ाई शुरू होगी जबकि 4 हफ्ते बाद पहली और दूसरी क्लास की पढ़ाई शुरू होगी। 5 हफ्ते के बाद अभिभावकों से इस बात पर सहमति ली जाएगी की नर्सरी और किसी की पढ़ाई शुरू की जाए या नहीं। 


गाइडलाइन में इस बात का भी जिक्र


एनसीईआरटी की तरफ से केंद्र सरकार को भेजे गए गाइडलाइन के ड्राफ्ट में अन्य सुझाव भी दिए गए हैं। ड्राफ्ट में कहा गया है कि क्लास के अंदर बच्चों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी ही रखी जाए। एक क्लास में 30 से 35 बच्चे ही बिठाए जाएंगे। किसी भी स्थिति में क्लास रूम के अंदर ऐसी नहीं चलाए जाएं और दरवाजे खिड़कियां खुली रखी जाएं। छात्रों को और इनके आधार पर बुलाया जाए और हर दिन को असाइनमेंट दिया जाए। डेस्क पर सभी बच्चों का नाम लिखा जाए ताकि हर दिन वह एक ही जगह पर बैठ पाएं। स्कूल 15 दिनों के अंतराल पर अभिभावकों के साथ बातचीत कर बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट लें। स्कूलों के अंदर हर दिन सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की जाए। असेंबली और अन्य तरह के आयोजनों को बंद रखा जाए। स्कूल के बाहर किसी भी तरह के खाने-पीने के स्टाल नहीं लगाया जाए। छात्रों के साथ-साथ स्कूल के स्टाफ की एंट्री से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाए। 


बच्चों और अभिभावकों के लिए नियम


गाइडलाइन में छात्रों और अभिभावकों के लिए भी कई बिंदुओं को रखा गया है। बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल और खाना शेयर करने की मनाही रखी जाए। साथ ही साथ छात्र पीने के लिए पानी और थाना अपने साथ लाएं। छात्र स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें और स्कूल आने के लिए मास्क को अनिवार्य रखा जाए। इसके अलावा अभिभावकों के लिए भी गाइडलाइन में कई बातों का जिक्र किया गया है। अगर किसी छात्र के अभिभावक फ्रंटलाइन से जुड़े हैं तो इसकी जानकारी स्कूल को देनी होगी। चिकित्सा, सुरक्षा और सफाई के कामों में जुड़े अभिभावकों को सूचित करना होगा। स्कूलों में पेरेंट्स टीचर मीटिंग नहीं होगी और फोन पर टीचर बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर अभिभावकों से बात करेंगे।



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