Cockroach Janata Party: देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुई “कॉकरोच जनता पार्टी” अब युवाओं के बीच बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है। संगठन ने दावा किया है कि उसने अपने इंस्टाग्राम अभियान के जरिए 2 करोड़ से अधिक युवाओं को जोड़ा है और आने वाले दिनों के लिए विस्तृत रोडमैप भी जारी किया है।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और “कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।” हालांकि इस अभियान को लेकर विवाद भी बढ़ गया है, क्योंकि CJP की वेबसाइट पर कार्रवाई हुई है और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर PIL भी दायर की गई है।
सोशल मीडिया पर आंदोलन का दावा
CJP ने इंस्टाग्राम पर एक लंबे पोस्ट में लिखा कि संगठन किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। पोस्ट में “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा गया कि यह प्रतीक संघर्ष और जीवित रहने की क्षमता को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर इस अभियान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ एक मीम पेज बता रहे हैं, जबकि संगठन का दावा है कि यह जल्द ही एक जमीनी आंदोलन का रूप लेगा।
संविधान और महापुरुषों से प्रेरणा का दावा
CJP का कहना है कि उनकी विचारधारा भारतीय संविधान से प्रेरित है और वे महात्मा गांधी, बीआर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के मुद्दों पर काम करेगी।
संगठन ने अपने 2.2 करोड़ से अधिक कम्युनिटी बेस से सुझाव भी मांगे हैं और कहा है कि सबसे अच्छे विचारों को चुनकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसमें बेरोजगारी, पेपर लीक, पर्यावरण और सरकारी संस्थाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर फोकस किया जाएगा।
संस्थापक को धमकियां, घर पर पुलिस सुरक्षा
CJP अभियान शुरू करने वाले अभिजीत दिपके के परिवार को धमकियां मिलने के बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके घर पर पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है। उनके माता-पिता के घर पर 24 घंटे पुलिस निगरानी रखी जा रही है, जबकि अभिजीत वर्तमान में अमेरिका के बोस्टन में हैं। परिवार का दावा है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और एक वीडियो भी मिला है जिसमें कुछ लोग घर के बाहर नजर आ रहे हैं। अभिजीत दिपके के पिता ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से डर के माहौल में हैं, जबकि उनकी मां ने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और सुरक्षित घर लौटने की अपील की है।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा
इस पूरे विवाद पर अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें CJP से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालत की टिप्पणियों का उपयोग प्रचार के लिए किया जा रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले सप्ताह सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने एक मामले में बेरोजगार युवाओं पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह पूरा विवाद सामने आया।




