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काली पूजा के दौरान रेबीज संक्रमित बकरे की बलि, 400 लोगों ने खाया मांस, गांव में मचा हड़कंप

रेबीज संक्रमित कुत्ते ने एक बकरे को काट लिया था। उसी बकरे की बली काली पूजा के दौरान चढ़ा दी गयी और बकरे के मांस को गांव के लोगों के बीच बांट दिया गया। इस मीट को गांव के करीब 400 लोगों ने खा लिया। जब इस बात की जानकारी लोगों को हुई तो हड़कंप मच गया।

छत्तीसगढ़
रेबीज संक्रमित बकरे का खाया मीट
© social media
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK:  काली पूजा के दौरान एक रेबीज संक्रमित बकरे की बलि चढ़ाई गयी और उसका मीट गांव के लोगों में बांट दिया गया। जिसे गांव के करीब 400 लोगों ने खा लिया। लेकिन जब गांव के लोगों को इस बात की जानकारी हुई कि बकरे को एक कुत्ते ने काटा था, जो रेबीज से संक्रमित था। इतना सुनते ही गांव में हड़कंप मच गया क्योंकि लोगों ने उसी बकरे का मीट खाया था जो रेबीज संक्रमित था। 


मामला छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के ग्राम सरगंवा का है। जहां काली पूजा के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि रेबीज संक्रमित एक बकरे की बलि देकर उसका मांस पूरे गांव में बांट दिया गया, जिसे सैकड़ों लोगों ने खा लिया। इस घटना के सामने आते ही गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।


मिली जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर को गांव में काली पूजा का आयोजन किया गया था। इससे कुछ समय पहले गांव में एक कुत्ते ने एक बकरे को काट लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि वह कुत्ता पहले से ही रैबीज संक्रमित था। आरोप है कि इस जानकारी के बावजूद सरपंच नारायण प्रसाद और उपसरपंच कृष्णा सिंह ने उसी बकरे की बलि दिलवाई और उसका मांस ग्रामीणों में वितरित कर दिया।


करीब 400 लोगों ने खाया बकरे का मीट

बताया जा रहा है कि गांव के लगभग 400 लोगों ने इस बकरे का मांस खाया है। ग्रामीणों के अनुसार यह बकरा गांव के ही निवासी नान्हू रजवाड़े से खरीदा गया था। बाद में जब बकरे के रैबीज संक्रमित होने की जानकारी सामने आई, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। लोग रैबीज जैसे जानलेवा संक्रमण को लेकर डरे और सहमे हुए हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है।


मेडिकल जांच की मांग

घटना के बाद गांव में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल गांव में मेडिकल शिविर लगाया जाए और सभी लोगों की जांच के साथ आवश्यक उपचार किया जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। वहीं आरोप लगने के बाद सरपंच और उपसरपंच इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं।


पशु चिकित्सक की राय

पशु चिकित्सक सी.के. मिश्रा ने बताया कि पके हुए मांस में रेबीज वायरस के जीवित रहने की संभावना नहीं होती, लेकिन मामला मानव स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी है कि जिन लोगों ने बकरे का मांस खाया है, वे एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करवाएं।

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