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13 लोगों को एक साथ भूनने वाले डकैत को भाजपा विधायक ने बताया भाई, कहा..'वो मेरा सुख-दुख का साथी

मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर माल्यार्पण और उसके गुणगान को लेकर विवादों में हैं। उन्होंने मंच से रामबाबू को अपना सुख-दुख का साथी बताते हुए कहा कि परिस्थितियों ने उसे डकैत बनने पर मजबूर किया था।

मध्यप्रदेश न्यूज
कुख्यात डकैत का गुणगान
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MADHYAPRADESH: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से BJP विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गये हैं। इस बार विवाद की वजह चंबल के कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर माल्यार्पण और उसके प्रति सार्वजनिक रूप से सम्मान व्यक्त करना बना है। 13 लोगों को एक साथ भूनने वाले डकैत को भाजपा विधायक ने अपना भाई बताते हुए कह दिया कि 'वो मेरा सुख-दुख का साथी है। 


लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के मौके पर आयोजित एक समारोह में मंच पर अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर के साथ-साथ कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर रखी गई थी। कार्यक्रम के दौरान दोनों तस्वीरों पर माल्यार्पण किया गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। पाल-बघेल समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक प्रीतम लोधी ने अपने संबोधन के दौरान रामबाबू गड़रिया को अपना "सुख-दुख का साथी" बताया। उन्होंने कहा कि रामबाबू गड़रिया परिस्थितियों का शिकार था और उसे समाज की परिस्थितियों ने डकैत बनने के लिए मजबूर कर दिया था।


विधायक ने कहा, "लोगों को उस समय सिर्फ इतना दिखाई देता था कि एक गुंडा और एक डकैत साथ हैं, लेकिन क्या डकैत और गुंडे इंसान नहीं होते? रामबाबू गड़रिया की परिस्थितियां मुझे अच्छी तरह मालूम थीं। समाज के कुछ लोगों ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि वह डकैत बनने पर मजबूर हो गया।" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें रामबाबू गड़रिया के जीवन से जुड़ी कई घटनाएं आज भी याद हैं। "जेल से लेकर जंगल तक की एक-एक बात मुझे याद है। हमारी मुलाकात जेल में भी हुई थी और जंगल में भी। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उसकी तस्वीर पर माल्यार्पण करने का अवसर मिला।"


प्रीतम लोधी ने यह भी दावा किया कि एक महिला के साथ हुए कथित अत्याचार के खिलाफ उन्होंने हजारों लोगों के साथ कमिश्नरी का घेराव किया था और उस दौरान रामबाबू गड़रिया के परिवार का भी साथ दिया था। उन्होंने पाल-बघेल समाज के साथ हमेशा खड़े रहने का भरोसा भी दिलाया। इस कार्यक्रम में लोकगायक मनोज बघेल सहित समाज के हजारों लोग मौजूद थे। विधायक के बयान और मंच पर डकैत की तस्वीर को सम्मान दिए जाने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।


भाजपा विधायक प्रीतम लोधी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने करैरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके बयान की काफी आलोचना हुई थी। रामबाबू गड़रिया को लेकर दिए गए ताजा बयान के बाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में बहस शुरू हो गई है और विपक्षी दल भाजपा विधायक के बयान को मुद्दा बना रहे हैं।