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यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़: बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस हादसे में समस्तीपुर रेल डिवीजन की बड़ी लापरवाही का हुआ खुलासा

DESK : पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में पिछले महीने हुए ट्रेन हादसे की हुई जांच के बाद रेलवे अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. दरअसल, 13 जनवरी को बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्र

यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़: बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस हादसे में समस्तीपुर रेल डिवीजन की बड़ी लापरवाही का हुआ खुलासा
First Bihar
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DESK : पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में पिछले महीने हुए ट्रेन हादसे की हुई जांच के बाद रेलवे अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. दरअसल, 13 जनवरी को बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी. लगभग एक महीने बाद अब उस हादसे की जांच रिपोर्ट सामने आई हैं. इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.


रिपोर्ट के मुताबिक, बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस हादसे का शिकार होने से पहले करीब 18 हजार किलोमीटर का सफर ठीक तरह से जांच हुए बिना ही पूरा कर चुकी थी, जबकि आमतौर पर रेलवे की जिम्मेदारी होती है कि वह हर 4500 किमी पर ट्रेन के इंजन की जांच करे.


जांच में पता चला है कि इंजन का समय पर मेंटेनेंस ही नहीं हुआ था. इस इंजन को 4500 KM चलने के बाद पीरियोडिकल एग्जामिनेशन के लिए भेजा जाना था, लेकिन इंजन बिना जांच 18 हजार KM तक चलाया गया. इस हादसे की जांच कर रहे कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने 10 फरवरी को पूर्वोंत्तर सीमांत रेलवे मालीगांव गुवाहाटी के GM को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है.


CRS ने जांच रिपोर्ट में यह भी बताया कि समस्तीपुर रेल डिवीजन में इलेक्ट्रिक इंजन की मेंटेनेंस की सुविधा ही नहीं है, लेकिन फर्जी तरीके से मेंटेनेंस का सर्टिफिकेट जारी किया जाता था. उन्होंने जांच रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे को इस मामले की जांच करनी चाहिए कि जहां जांच की व्यवस्था ही नहीं है, वहां से सर्टिफिकेट कैसे जारी होता था.