1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 01 Jan 2026 05:57:06 PM IST
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DESK: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते दो हफ्तों में हत्या, भीड़ हिंसा और जानलेवा हमलों की चार घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस बार शरीयतपुर जिले में एक हिंदू व्यापारी को निशाना बनाया गया।
घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9 बजे की है। तिलोई इलाके के कनेश्वर यूनियन में 40 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमला किया गया। खोकन चंद्र, परेश चंद्र दास के पुत्र और दामुद्या के केउरभंगा बाजार में फार्मेसी के मालिक हैं। दुकान बंद कर घर लौट रहे खोकन चंद्र को बदमाशों के एक समूह ने घेर लिया। पहले उन्हें बेरहमी से पीटा गया, फिर चाकुओं से गोदा गया और अंत में उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई।
आखिरी क्षण में खोकन चंद्र ने पास के तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। उन्हें स्थानीय लोगों ने गंभीर स्थिति में शरियतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना से इलाके में व्यापक दहशत फैल गई। हमले के पीछे का मकसद और इसमें शामिल लोगों की पहचान अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
बीते दो हफ्तों में चौथी घटना
इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास को भीड़ ने मार डाला और उनके शरीर को पेड़ से बांधकर जलाया गया था। उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। इसके बाद 25 दिसंबर को अमृत मंडल को पीट-पीटकर मार दिया गया, हालांकि बांग्लादेश ने कहा कि यह मामला उगाही और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा था। वही 29 दिसंबर को मेहराबारी इलाके में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान बजेंद्र बिस्वास (42) की गोली लगने से मौत हो गई थी। आरोपी 29 वर्षीय नोमान मियां को गिरफ्तार किया गया, जिसने दावा किया कि गोली “मजाक में” चली थी।