इंजीनियर तो गजब का धनकुबेर निकला...2.5 किलो सोना, 20 KG चांदी,नकद भी 61 लाख मिला, करोड़ों की प्रॉपर्टी का खुलासा

ACB ने रिटायर्ड पंचायत राज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कल्लेपल्ली श्रीनिवासा राव के ठिकानों पर छापेमारी कर 50 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति, सोना, चांदी और जमीन के दस्तावेज जब्त किए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 06 Feb 2026 02:49:51 PM IST

आंध्र प्रदेश न्यूज

एंटी-करप्शन ब्यूरो की रेड - फ़ोटो सोशल मीडिया

DESK: रिश्वतखोरी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस बार एसीबी की टीम ने रिटायर्ड इंजीनियर के यहां छापेमारी की। इस रेड में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। घर से ढाई किलो गोल्ड, 20 किलो चांदी और करोड़ों की जमीन के कागज जब्त किये गये हैं। यह छापा अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक माना जा रहा है। 


आंध्र प्रदेश एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB)ने पंचायत राज विभाग के हाल ही में सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कल्लेपल्ली श्रीनिवासा राव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पर्दाफाश किया है। राव वर्ष 1990 से विभाग में कार्यरत थे और 31 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम में एसई पद से रिटायर हुए थे। 


गुप्त सूचना के आधार पर ACB ने विशाखापट्टनम, सालुरु और हैदराबाद में एक साथ राव के आवास पर, उनके परिवार और अन्य सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी संपत्ति आय से कई गुना ज्यादा है। सर्च अभियान के दौरान ACB के अधिकारियों ने भारी मात्रा में कैश, कीमती आभूषण और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किया है। 


एसीबी की टीम ने इस दौरान श्रीनिवासा राव के ठिकानों से 61.87 लाख कैश, 2.5 किलो सोना, 20.3 किलो चांदी, 3 हाउस प्लॉट और 2 आवासीय फ्लैट, सालुरु में 18.57 सेंट कृषि भूमि जो उनकी बेटी के नाम है, पांच बैंक लॉकर को जब्त किया है। इसके अलावे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामान भी जब्त किया है।


ACB ने श्रीनिवासा राव के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर विशाखापट्टनम की विशेष ACB अदालत में पेश किया जाएगा। आने वाले दिनों में बैंक लॉकर खोले जाएंगे, जिससे अवैध संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।


यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब आंध्र प्रदेश में ACB ने सरकारी अधिकारियों खासकर इंजीनियरिंग, राजस्व और अन्य विभागों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती तेज कर दी है। इस छापेमारी को राज्य में अब तक की सबसे बड़ी‘डिसप्रोपोर्शननेट एसेट्स’बरामदियों में से एक माना जा रहा है।