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Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti: "एक बिहारी पूरे पाकिस्तान पर भारी", कौन हैं पाक को बुरी तरह धूल चटाने वाले अवधेश कुमार भारती?

Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti: एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाकर पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया जो वह मुल्क कभी भूल नहीं सकता। बिहार के पूर्णिया से ताल्लुक रखने वाले इस अधिकारी की क्या है पूरी कहानी...

Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti
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Deepak Kumar
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Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 26 लोगों की जान लेने वाले इस हमले का जवाब देने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इस ऑपरेशन की कमान संभालने वाले एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने न सिर्फ देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि अपने गृहनगर बिहार के पूर्णिया का नाम भी रौशन किया। लेकिन कौन हैं एयर मार्शल भारती, और कैसे उन्होंने इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को अंजाम दिया?


एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती का जन्म बिहार के पूर्णिया जिले के झुन्नी कलां गांव में हुआ। उनके पिता जीवछलाल यादव कोशी परियोजना से रिटायर्ड लेखाकार हैं, और मां उर्मिला देवी अब 80 साल की हैं। उनका घर पूर्णिया के श्रीनगर हाता में है। उनके दो भाई भी पूर्णिया में ही रहते हैं, जिनमें से एक मिथिलेश कुमार फार्मास्युटिकल फर्म में काम करते हैं।


भारती ने अपनी शुरुआती शिक्षा सैनिक स्कूल तिलैया से पूरी की, जहां से वे पुणे के नेशनल डिफेंस एकेडमी में गए। जून 1987 में वे भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए। NDA में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने वेलिंगटन में स्टाफ कोर्स और नई दिल्ली में नेशनल डिफेंस कॉलेज से प्रशिक्षण लिया। 2008 में उन्हें वायु सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया है।


एयर मार्शल भारती का करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने एक फ्रंटलाइन फाइटर बेस की कमान संभाली और भारत के भीतर व बाहर कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड, एयर हेडक्वार्टर्स, और मलेशिया जैसे स्थानों पर उनकी तैनाती रही। डीजीएओ बनने से पहले वे सेंट्रल एयर कमांड, प्रयागराज में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर थे, जहां उन्होंने 2025 में हुए महाकुंभ के आयोजन की निगरानी भी की।


पहलगाम हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में एयर मार्शल भारती ने हवाई अभियानों की योजना और समन्वय में मुख्य भूमिका निभाई। 7 मई को शुरू हुए इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरिदके, और कराची के मलिर कैंट जैसे ठिकानों पर सटीक हमले किए। नूर खान और रहीम यार खान एयरबेस को भारी नुकसान भी पहुंचाया गया, और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया।


जिसके बाद भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारा लक्ष्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, न कि लाशें गिनना। हमने सटीक हमले किए और अपने सभी पायलट सुरक्षित वापस लाए।” उनकी रणनीति ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर कर दिया। पूर्णिया में भारती के परिवार को इस उपलब्धि पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके पिता जीवछलाल यादव ने कहा, “मुझे नहीं पता था कि मेरा बेटा इतने बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है। उसे टीवी पर देखकर बहुत गर्व हुआ।” हालांकि, भारती के भाई मिथिलेश बताते हैं कि वे अपने काम के बारे में कभी ज्यादा बात नहीं करते।

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